
सरकार न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने की तैयारी कर रही है। (PC: AI)
Minimum Wage: नोएडा में मजदूरों के प्रदर्शन और कई राज्यों के न्यूनतम मजदूरी बढ़ने के बीच केंद्र सरकार न्यूनतम वेतन को मौजूदा 176 रुपए प्रतिदिन से बढ़ाकर 350 से 450 रुपए के बीच करने पर विचार कर रही है। लेबर मिनिस्ट्री नया सैलरी स्ट्रक्चर तैयार कर रही है, जिसमें अनस्किल्ड, सेमी स्किल्ड और स्किल्ड सभी तरह के मजदूर शामिल होंगे। अगर नया फ्लोर वेज लागू होता है, तो देश के सभी राज्यों को अपनी न्यूनतम मजदूरी इसी के अनुसार तय करनी होगी। नए नियम के तहत मजदूरी का कैलकुलेशन 26 दिन के हिसाब से किया जाएगा।
हाल ही में नोएडा समेत दिल्ली एनसीआर में कई जगह मजदूर सड़कों पर उतर आए थे। वेतन वृद्धि और वर्क कल्चर में सुधार की मांग को लेकर उग्र प्रदर्शन भी हुए। इससे सरकार पर दबाव पड़ा है। केंद्र सरकार अब राष्ट्रीय फ्लोर वेज को बदलने की प्रक्रिया को तेज कर रही है। फ्लोर वेज वह न्यूनतम वेतन होता है, जिसके नीचे कोई भी राज्य मजदूरी तय नहीं कर सकता। यानी पूरे देश में न्यूनतम मजूरी फ्लोर वेज के बराबर या उससे अधिक होगी।
फ्लोर वेज को 350 से 450 रुपये तक बढ़ाने से देश के करोड़ों मजदूरों को फायदा होगा। इकोनॉमिक सर्वे 2024-25 के अनुसार, पिछले चार वर्षों में कंपनियों का एबिटडा मार्जिन करीब 22% के आसपास स्टेबल रहा है, जबकि वेतन वृद्धि की रफ्तार धीमी पड़ी है। विशेष तौर पर आईटी सेक्टर के शुरुआती स्तर के कर्मचारियों के वेतन में ठहराव की समस्या सामने आई । आईटी सेक्टर में फ्रेशर्स की सैलरी काफी वर्षों से नहीं बढ़ी है।
Published on:
18 Apr 2026 10:43 am
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