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Home Loan Interest Rates: होम लोन पर काफी कम ब्याज ले रहे ये NBFC, जानिए कहां कितनी है रेट

Home Loan NBFC Interest Rates: घर खरीदने से पहले होम लोन की सही समझ जरूरी है। सिर्फ कम ब्याज दर देखकर फैसला न लें। क्रेडिट स्कोर, आय, छिपे खर्च, लोन अवधि और फोरक्लोजर नियम समझना जरूरी है, ताकि भविष्य में आर्थिक दबाव से बचा जा सके।

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भारत

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Pawan Jayaswal

Apr 23, 2026

Home Loan Interest Rates

होम लोन पर ब्याज दरें (PC: AI)

Home Loan Interest Rates: अपना घर लेना हर किसी का सपना होता है। लेकिन सच यह भी है कि यही सपना कई बार लोगों के लिए वर्षों का बोझ बन जाता है। खासकर तब, जब होम लोन लेने से पहले सही तैयारी न की जाए। आजकल बैंक और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां ढेरों ऑफर दे रही हैं, लेकिन सिर्फ ऑफर देखकर फैसला करना समझदारी नहीं है। हकीकत यह है कि ब्याज में थोड़ा सा फर्क भी लंबे समय में आपकी जेब से लाखों रुपये ज्यादा निकलवा सकता है। चक्रवृद्धि ब्याज धीरे-धीरे बड़ा असर डालता है। आइए जानते हैं कि एनबीएफसी होम लोन पर कितनी ब्याज दर ऑफर कर रहे हैं।

ऋणदाता (Lender)ब्याज दर (Rates)
बजाज फिनसर्व (Bajaj Finserv)7.15%
एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (LIC Housing Finance Ltd)7.15%
टाटा कैपिटल (Tata Capital)7.50%
पीएनबी हाउसिंग (PNB Housing)7.75%
आदित्य बिड़ला हाउसिंग फाइनेंस (Aditya Birla Housing Fin)7.75%
आईआईएफएल होम फाइनेंस (IIFL Home Finance)8.75%
पिरामल फाइनेंस लिमिटेड (Piramal Finance Limited)9.99%
सुंदरम होम फाइनेंस लिमिटेड (Sundaram Home Finance Ltd)10.65%
30 लाख रुपये तक के होम लोन पर ब्याज दरें

सिर्फ ब्याज दर नहीं, पूरी तस्वीर समझिए

लोन लेते समय सिर्फ EMI पर ध्यान देना काफी नहीं है। प्रोसेसिंग फीस, प्रीपेमेंट चार्ज, लेट फीस, बीमा खर्च जैसे कई छिपे हुए खर्च होते हैं, जो बाद में भारी पड़ सकते हैं। इसलिए लोन की हर शर्त को ध्यान से पढ़ना जरूरी है।

होम लोन लेने से पहले ये 5 बातें जरूर जांच लें

  1. क्रेडिट स्कोर मजबूत होना चाहिए

अगर आपका क्रेडिट स्कोर 750 या उससे ज्यादा है, तो लोन मिलने के चांस काफी बढ़ जाते हैं और बेहतर ब्याज दर भी मिल सकती है।

  1. इनकम स्टेबल होनी चाहिए

आपकी सैलरी या कमाई इतनी होनी चाहिए कि EMI देने के बाद भी घर का खर्च आराम से चल सके। वरना हर महीने तनाव बना रहेगा।

  1. हिडन चार्जेज को नजरअंदाज न करें

सिर्फ ब्याज दर नहीं, बल्कि प्रोसेसिंग फीस, प्रीपेमेंट चार्ज और अन्य शुल्क भी समझ लें। यही असली लागत तय करते हैं।

  1. लोन की अवधि सोच-समझकर चुनें

लंबी अवधि में EMI कम होती है, लेकिन कुल ब्याज ज्यादा देना पड़ता है। वहीं, छोटी अवधि में EMI ज्यादा होगी, लेकिन ब्याज कम लगेगा। अपने बजट के हिसाब से फैसला लें।

  1. फोरक्लोजर नियम समझें

अगर आप भविष्य में लोन जल्दी चुकाना चाहते हैं, तो बैंक के नियम पहले ही जान लें। इससे आगे चलकर परेशानी नहीं होगी।

होम लोन है बड़ी जिम्मेदारी

होम लोन कोई छोटी जिम्मेदारी नहीं है। यह कई सालों का आर्थिक फैसला होता है। इसलिए किसी भरोसेमंद बैंक या NBFC का चुनाव करें और जरूरत पड़े तो वित्तीय सलाहकार से भी राय लें। सही प्लानिंग के साथ लिया गया लोन ही आपको सुकून देगा, वरना यही सपना बोझ बन सकता है।