
दुबई में भारत की तुलना में सस्ता सोना मिलता है। (PC: Pexels)
Customs Rules for Gold: जब सोना सस्ता मिल रहा हो, तो कौन नहीं खरीदना चाहेगा। दुबई, नेपाल, भूटान और थाईलैंड जैसी जगहों पर अक्सर भारत से सस्ता सोना मिलता है। दाम कम होने के साथ ही न तो यहां जीएसटी जैसा कोई टैक्स लगता है और जूलरी पर मेकिंग चार्जेज भी काफी कम रहते हैं। ऐसे में जो लोग यहां घूमने जाते हैं, वे सोने की खरीदारी भी करते हैं। लेकिन कस्टम रूल्स नहीं पता होने के चलते कई बार यह खरीदारी मुसीबत भी बन जाती है। दरअसल, आप एक तय लिमिट तक ही विदेश से ड्यूटी-फ्री गोल्ड ला सकते हैं। अगर आप लिमिट से ज्यादा सोना ले आए, तो आपको कस्टम ड्यूटी चुकानी होगी। आइए जानते हैं कि इस मामले में कस्टम रूल्स क्या कहते हैं।
दुबई से भारत लौट रहे मेल पैसेंजर अधिकतम 50,000 रुपये कीमत का 20 ग्राम तक गोल्ड अपने साथ ला सकते हैं। इस सोने पर कस्टम ड्यूटी देने की जरूरत नहीं है। यह रियायत कॉइन्स और गोल्ड बार के लिए है। अगर आप इस लिमिट से ज्यादा सोना लाते हैं, तो आपको ड्यूटी भरनी होगी।
| सोने की मात्रा | कस्टम ड्यूटी |
| 20 ग्राम तक (अधिकतम 50,000 रुपये) | ड्यूटी फ्री |
| 20 ग्राम से 50 ग्राम तक | 3% |
| 50 ग्राम से 100 ग्राम तक | 6% |
| 100 ग्राम से अधिक | 10% |
महिलाएं दुबई से अधिकतम 1 लाख रुपये तक कीमत का 40 ग्राम तक गोल्ड भारत ला सकती हैं। इस पर कोई ड्यूटी नहीं लगेगी। यह गोल्ड जूलरी, गोल्ड बार या सिक्कों के रूप में हो सकता है। यह सोना पर्सनल यूज के लिए होना चाहिए।
| सोने की मात्रा | कस्टम ड्यूटी |
| 40 ग्राम तक (अधिकतम 1 लाख रुपये) | ड्यूटी फ्री |
| 40 ग्राम से 100 ग्राम तक | 3% |
| 100 ग्राम से 200 ग्राम तक | 6% |
| 200 ग्राम से अधिक | 10% |
बच्चे गिफ्ट या पर्सनल यूज के रूप में 40 ग्राम तक सोना ड्यूटी फ्री ला सकते हैं। इसके लिए इनवॉइस दिखाना होगा और रिलेशनशिप का प्रूफ देना होगा।
सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्सेस एंड कस्टम्स (CBIC) की गाइडलाइन्स के अनुसार, 6 महीने से अधिक रुकने के बाद दुबई से भारत आने वाला भारतीय पैसेंजर अपने सामान के साथ 1 किलो तक सोना ला सकता है। हालांकि, उन्हें इसके लिए कस्टम ड्यूटी का भुगतान करना होगा। यह सोना जूलरी, गोल्ड बार या सिक्कों के रूप में होना चाहिए। साथ ही इस गोल्ड के प्रोपर डॉक्यूमेंट्स आपके पास होना चाहिए। इसमें परचेज इनवॉइस शामिल है, जिसमें सोने की कीमत, प्योरिटी और तारीख दर्ज हो। भारतीय एयरपोर्ट पर इस इनवॉइस का वेरिफिकेशन होगा।
आप दुबई में कितने समय के लिए रहते हैं, इस पर भी कस्टम ड्यूटी निर्भर करती है।
| रहने की अवधि | ड्यूटी फ्री अलाउंस | कस्टम ड्यूटी |
| 6 महीने से कम | कोई अलाउंस नहीं | 38.50% |
| 6 महीने से 1 साल तक | कोई अलाउंस नहीं | 13.7% (1 किलो तक) |
| 1 साल से अधिक | 50,000 रुपये (पुरुष), 1 लाख रुपये (महिला) | 13.7% (1 किलो तक) |
जो लोग दुबई से गोल्ड बार और गोल्ड कॉइन्स ला रहे हैं, उनके लिए कस्टम ड्यूटी इस प्रकार लगेगी:
गोल्ड बार
| सोने की मात्रा | कस्टम ड्यूटी |
| 20 ग्राम से कम | 0% |
| 20 ग्राम से 100 ग्राम तक | 3% |
| 1 किलो से कम | 10% |
गोल्ड कॉइन्स
| सोने की मात्रा | कस्टम ड्यूटी |
| 20 ग्राम से कम | 0% |
| 20 ग्राम से 100 ग्राम तक | 10% |
अगर आप ड्यूटी-फ्री लिमिट से अधिक सोना ला रहे हैं, तो इसके बारे में आपको भारतीय एयरपोर्ट पर बताना होगा। कस्टम एक्ट 1962 के अनुसार, जो पैसेंजर लिमिट से अधिक लाए गोल्ड के बारे में नहीं बताते हैं, तो वह गोल्ड जब्त हो सकता है, जुर्माना लग सकता है या लीगल एक्शन भी लिया जा सकता है। लिमिट से अधिक लाए गए सोने पर कस्टम ड्यूटी 24 कैरेट गोल्ड की मौजूदा इंटरनेशनल कीमत के आधार पर कैलकुलेट होती है। कस्टम अधिकारी सोने की वैल्यू निकालते हैं और उस पर ड्यूटी कैलकुलेट करते हैं। अगर आप खरीदे गए सोने के पूरे डॉक्यमेंट्स नहीं दिखाते हैं, तो आप पर पेनल्टी लग सकती है।
Updated on:
11 Jul 2025 11:21 am
Published on:
11 Jul 2025 11:21 am
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
