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नई दिल्ली: कोरोना की वजह से पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था चरमरा गई है और जैसे बाकी लोग अपने-अपने देश की सरकारों से राहत पैकेज की मांग कर रहे हैं कुछ उसी तर्ज में विश्व स्तर पर ये देश अंतर्राष्ट्रीय संगठनों से राहत पैकेज की उम्मीद कर रहे हैं। इनमें से एक प्रमुख संगठन जिससे सभी राहत की उम्मीद कर रहे हैं वो है IMF । अब IMF ने इस दिशा में पहला कदम उठाया है । सोमवार को संगठन ने 25 गरीब देशों को कोरोना वायरस महामारी से लड़ने के लिए नि:शुल्क सहायता देने के लिए तत्काल कर्ज राहत की घोषणा की। जिन देशों को ये मदद की जा रही है उनमें सभी अफ्रीकी देशों के साथ ही अफगानिस्तान, यमन, नेपाल और हैती शामिल हैं
आईएमएफ की ओर से मैनेजिंग डायरेक्टर क्रिस्टीना जॉर्जिया ने अपने बयान में सबसे गरीब और सबसे कमजोर सदस्यों को अगले छह महीनों में प्रारंभिक चरण के लिए अपने आईएमएफ ऋण दायित्वों को कवर करने के लिए अनुदान देने की बात कही है।
वर्ल्ड बैंक जारी करेगा 160 अरब डॉलर-
पिछले हफ्ते विश्व बैंक ने कहा था कि वह 15 महीनों में आपातकालीन सहायता के रूप में 160 अरब डॉलर जारी करेगा, जिससे वायरस से पीड़ित देशों को मदद मिलेगी। इस राशि से 76 गरीब देशों को अन्य सरकारों को ऋण चुकाने के लिए दिए जाने वाले 14 अरब डॉलर शामिल हैं।
इबोला वाले फंड का होगा इस्तेमाल-
दूसरे देशो को कर्ज देने के लिए आईएमएफ के कैटास्ट्रोप कन्टेंनमेंट एंड रिलीफ ट्रस्ट (CCRT) द्वारा दिया जाएगा। ये वही फंड है जिसका इस्तेमाल इबोला के वक्त किया गया था । अब कोविड-19 के तहत देशों की मदद करने के लिए इसे फिर से इस्तेमाल किया जाएगा। वर्तमान में इस फंड में 50 करोड़ डॉलर की राशि है, जिसमें जापान, ब्रिटेन, चीन और नीदरलैंड्स का योगदान है।
पहले भी करता रहा है मदद-
ये पहली बार नहीं है जब आईएमएफ ने ये कदम उठाया है। इससे पहले साल 2015 में पश्चिम अफ्रीका के इबोला बीमारी के वक्त भी इसी तरह कर्ज माफी का फैसला लिया था।
Updated on:
15 Apr 2020 07:18 am
Published on:
14 Apr 2020 07:14 pm

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