
भारतीय शेयर बाजार में फिर तेजी लौट आई है। (Photo- IANS)
Indian Stock Market: देश की अर्थव्यवस्था में तेजी और भारतीय कंपनियों की आय मार्च तिमाही, 2025 में बढ़ने से ग्लोबल ब्रोकरेज और इन्वेस्टमेंट कंपनियां अब भारतीय शेयर बाजार पर बुलिश हैं। गोल्डमैश सैश और मॉगर्न स्टेनली के बाद अब अमेरिकी इन्वेस्टमेंट फर्म जेपी मॉर्गन ने भी भारत सहित उभरते बाजारों (इमर्जिंग मार्केट्स) के शेयरों पर अपना नजरिया पॉजिटिव कर दिया है। अब इन शेयरों को ‘ओवरवेट’ रेटिंग दी गई है, यानी निवेश के लिए बेहतर माना गया है। जेपी मॉर्गन ने कहा, अब भारत में सबसे ज्यादा कमाई का मौका है।
दरअसल, मार्च 2025 तिमाही में कंपनियों की कमाई कुल मिलाकर बाजार की उम्मीदों से बेहतर रही। भारती एयरटेल, इंडियन ऑयल, हिंडाल्को, वेदांत और आईसीआईसीआई बैंक के शानदार प्रदर्शन से कंपनियों के कुल मुनाफे को दम मिला। चौथी तिमाही में 1,555 कंपनियों का कुल शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 6.6 प्रतिशत बढ़ा जो अधिकतर ब्रोकरेज के अनुमानों से अधिक है। वहीं कंपनियों के कुल शुद्ध लाभ में एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले 10.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इस दौरान कंपनियों की शुद्ध बिक्री 7.2 प्रतिशत बढ़ी। वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में इन कंपनियों की कुल शुद्ध आय 34.96 लाख करोड़ रुपए रही जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 32.61 लाख करोड़ रुपए थी।
खनन और धातु, फार्मा, बिजली और सार्वजनिक क्षेत्र की तेल मार्केटिंग कंपनियों का प्रदर्शन मार्च तिमाही के दौरान बेहतर रहा। जबकि बीएफएसआइ, वाहन, आइटी और एफएमसीजी क्षेत्र की कंपनियों की आय कम बढ़ी।
जेपी मॉर्गन के विश्लेषकों ने कहा कि 2021 से अब तक इमर्जिंग मार्केट्स ने विकसित देशों की तुलना में 40 प्रतिशत तक कम रिटर्न दिए हैं। अब हालात बदल रहे हैं, इसलिए उसका नजरिया भी बदला है। जेपी मॉर्गन के मुताबिक, वे उन उभरते बाजारों को ज्यादा पसंद कर रहे हैं जहां घरेलू मांग मजबूत है। इनमें भारत, फिलीपींस, ब्राजील, ग्रीस, पोलैंड और यूएई शामिल हैं। हालांकि इनमें भारत सबसे पसंदीदा बाजार है। ब्रोकरेज ने कहा ईम शेयरों की वैल्यूएशन अभी भी काफी आकर्षक है।
भारत अब जापान को पीछे छोड़ चौथी सबसे बड़ी इकोनॉमी है। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने यूरोपीय यूनियन (ईयू) से आयात पर लगाए जाने वाले 50 प्रतिशत टैरिफ को 9 जुलाई तक के लिए टाल दिया है। इससे भारतीय शेयर बाजार के सेंटीमेंट्स पर भी पॉजिटिव असर पड़ा। सेंसेक्स 455 अंक यानी 0.56 प्रतिशत चढ़कर 82,176 पर बंद हुआ। निफ्टी 148 अंक यानी 0.60 प्रतिशत की बढ़त लेकर 25,001 पर बंद हुआ। भारत के साथ अमेरिकी और तमाम यूरोपीय शेयर बाजारों में भी तेजी रही।
मार्केट का वैल्यूएशन ऊंचा बना हुआ है, खासकर मिड और स्मॉल कैप के लिए के भाव काफी महंगे हैं। ये अपने लॉन्ग टर्म एवरेज से काफी ऊपर कारोबार कर रहे हैं। लार्ज कैप भी थोड़े प्रीमियम पर हैं पर रिस्क-रिवॉर्ड के नजरिए से बेहतर हैं। अगली कुछ तिमाहियों में कॉरपोरेट इंडिया की आय में और सुधार होगा। ग्रामीण मांग में सुधार के संकेत दिख रहे हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में निफ्टी की अर्निंग्स में 11-13 प्रतिशत की बढ़त हो सकती है। निवेश से पहले वैल्यूशन देखना जरूरी है।
—नीलेश शाह, एमडी, कोटक एएमसी
Updated on:
27 May 2025 10:09 am
Published on:
27 May 2025 10:08 am
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