
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मॉरीशस के प्रधानमंत्री रामगुलाम हाथ मिलाते हुए। (फोटो: X Handle India & The World.)
India-Mauritius Economic Agreement: भारत और मॉरीशस के बीच रणनीतिक रिश्तों को नई ऊंचाई पर ले जाते हुए गुरुवार को दोनों देशों ने 5660 करोड़ रुपये से अधिक के एक बड़े विकास पैकेज (Rs 5660 Crore Development Package) की घोषणा की है। ये समझौते मॉरीशस के प्रधानमंत्री डॉ. नवीनचंद्र रामगुलाम की भारत यात्रा के दौरान किए गए। यह यात्रा 9 से 16 सितंबर तक चलेगी और इसे भारत-मॉरीशस के रिश्तों में मील का पत्थर माना जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( PM Modi) और प्रधानमंत्री रामगुलाम (Modi Ramgoolam Agreement)के बीच वाराणसी में हुई संयुक्त प्रेस वार्ता से पहले दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय (India-Mauritius Strategic Partnership), क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विस्तार से बातचीत की। इसके बाद विज्ञान और तकनीक, समुद्र विज्ञान, ऊर्जा, अंतरिक्ष, शिक्षा, प्रशासन और जल संसाधन जैसे क्षेत्रों में कुल 7 समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इनमें सबसे अहम समझौता (India-Mauritius Economic Agreement) अंतरिक्ष सहयोग से जुड़ा रहा, जिसके तहत मॉरीशस में टेलीमेट्री, ट्रैकिंग और कम्युनिकेशन स्टेशन बनाए जाएंगे। इसके अलावा समुद्री अनुसंधान और हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण को लेकर भी भारत ने प्रतिबद्धता जताई है।
यह समझौता हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की भूमिका को और बढ़ाएगा। दोनों देशों के बीच सहयोग समुद्री सुरक्षा, आर्थिक विकास और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए अहम है ।शिक्षा के क्षेत्र में आईआईटी मद्रास और मॉरीशस यूनिवर्सिटी के बीच साझेदारी को लेकर समझौता हुआ है। इसी तरह बेंगलुरु के इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ प्लांटेशन मैनेजमेंट और मॉरीशस यूनिवर्सिटी के बीच भी शैक्षणिक सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। ऊर्जा के क्षेत्र में भारत की सरकारी कंपनी एनटीपीसी जल्द ही मॉरीशस के टैमरिंड फॉल्स क्षेत्र में 17.5 मेगावाट का फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट शुरू करेगी।
भारत की ओर से दी जा रही अनुदान राशि करीब 1785 करोड़ रुपये की होगी। इस रकम से मॉरीशस में एक नया राष्ट्रीय अस्पताल, आयुष सेंटर, पशु चिकित्सा कॉलेज और एक हेलीकॉप्टर सेवा जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। वहीं ऋण व अनुदान की संयुक्त परियोजनाओं की अनुमानित लागत लगभग 3650 करोड़ रुपये है। इसमें एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर, हाइवे M4 और रिंग रोड चरण-II का निर्माण और बंदरगाह उपकरणों की खरीद शामिल है।
भारत ने मॉरीशस के प्रमुख बंदरगाह के पुनर्विकास और चागोस द्वीपसमूह के समुद्री संरक्षण क्षेत्र को लेकर भी सहयोग का वादा किया है। इसके अलावा भारत मॉरीशस को इस वित्त वर्ष में करीब 206 करोड़ रुपये (25 मिलियन डॉलर) की बजटीय सहायता भी देगा।
बहरहाल प्रधानमंत्री मोदी ने चागोस द्वीपसमूह पर हालिया प्रगति को मॉरीशस की स्वतंत्रता की ऐतिहासिक जीत बताया और उपनिवेशवाद के खिलाफ भारत के रुख को दोहराया। प्रधानमंत्री रामगुलाम ने भारत के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि आज दोनों देश केवल ऐतिहासिक संबंधों से नहीं, बल्कि साझा मूल्यों और विकास के दृष्टिकोण से भी जुड़े हैं। यह यात्रा भारत को एक भरोसेमंद रणनीतिक साझेदार के रूप में प्रस्तुत करती है और अफ्रीकी क्षेत्र में उसकी भूमिका और मजबूत करती है।
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Published on:
11 Sept 2025 08:48 pm
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