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Service Sector PMI: साढ़े 4 साल के निचले स्तर पर पहुंची सर्विस सेक्टर की ग्रोथ, सिर्फ 6% कंपनियों ने बढ़ाया स्टाफ, फाइनेंस और इंश्योरेंस सेक्टर में मजबूती

Indian Economy: जुलाई में भारत के सर्विस सेक्टर की ग्रोथ साढ़े चार साल के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई। नए ऑर्डर और घरेलू मांग कमजोर रहने से कारोबार की रफ्तार धीमी हुई। हालांकि, अमेरिका, ब्रिटेन और यूएई से मिले ऑर्डर्स ने कुछ राहत दी।
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भारत

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Pawan Jayaswal

Aug 05, 2026

Service Sector PMI

Service Sector की ग्रोथ जुलाई में कम रही है। (PC: AI)

Services PMI July 2026: भारत की सर्विस इकोनॉमी की रफ्तार जुलाई में धीमी पड़ी है। सर्विस सेक्टर में नए ऑर्डर उम्मीद से कम मिले और कई ग्राहकों ने अपने ऑर्डर आगे के लिए टाल दिए। इसका असर सीधे बिजनेस एक्टिविटीज पर दिखा और HSBC इंडिया सर्विसेज परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) साढ़े चार साल के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। S&P Global की ओर से जारी सर्वे के मुताबिक, जुलाई में HSBC इंडिया सर्विसेज PMI घटकर 53.3 पर आ गया। जून में यह 57.4 था। यह फरवरी 2022 के बाद का सबसे कमजोर स्तर है। हालांकि, PMI अब भी 50 के ऊपर है, जिसका मतलब है कि सेक्टर में बढ़ोतरी जारी है, लेकिन उसकी रफ्तार पहले के मुकाबले काफी धीमी हो गई है।

विदेशी बाजारों से मिला सपोर्ट

देश के भीतर डिमांड में नरमी जरूर देखने को मिली, लेकिन विदेशी बाजारों से अच्छी खबर आई। अमेरिका, ब्रिटेन और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से नए ऑर्डर मजबूत बने रहे। यही वजह रही कि एक्सपोर्ट ऑर्डर की बढ़ोतरी कुल बिक्री की तुलना में बेहतर रही और इसने सेक्टर को कुछ राहत दी।

रोजगार बढ़ने की रफ्तार बहुत धीमी

रोजगार के मोर्चे पर जुलाई में जून के मुकाबले थोड़ा सुधार जरूर हुआ, लेकिन तस्वीर बहुत उत्साहजनक नहीं रही। सर्वे के अनुसार, केवल 6 फीसदी कंपनियों ने कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई। जबकि 92 प्रतिशत कंपनियों ने अपने स्टाफ में कोई बदलाव नहीं किया। यानी ज्यादातर कंपनियां अभी भी नई भर्तियों को लेकर सतर्क हैं।

फाइनेंस और इंश्योरेंस सेक्टर ने दिखाई मजबूती

सर्वे में शामिल सर्विस सेक्टर के चार बड़े हिस्सों में केवल फाइनेंस और इंश्योरेंस कारोबार ने बेहतर परफॉर्म किया। इसी सेक्टर में उत्पादन और बिक्री दोनों की ग्रोथ बाकी सेक्टर्स की तुलना में तेज रही। दूसरी ओर बाकी सर्विस बिजनेसेस अपेक्षाकृत कमजोर रहे।

पेंडिंग काम तेजी से निपटाए गए

कम बुकिंग और कमजोर बिक्री के कारण कंपनियों के पास नया काम कम पहुंचा। इसका फायदा यह हुआ कि उन्होंने पहले से पेंडिंग पड़े ऑर्डर तेजी से पूरे किए। सर्वे के मुताबिक, पेंडिंग ऑर्डर में पांच साल की सबसे तेज गिरावट आई।

सात महीने के निचले स्तर पर पहुंचा बिजनेस सेंटीमेंट

कंपनियों को उम्मीद है कि आने वाले महीनों में बाजार की स्थिति सुधरेगी, मांग बढ़ेगी और पर्यटन गतिविधियों में तेजी आएगी। इसके बावजूद कुल मिलाकर कारोबारी भरोसा जुलाई में सात महीने के सबसे निचले स्तर पर आ गया।

HSBC की क्या है राय?

HSBC की चीफ इंडिया इकोनॉमिस्ट प्रांजुल भंडारी ने कहा कि जुलाई में भारत का सर्विस सेक्टर बढ़ा जरूर, लेकिन उसकी रफ्तार पहले के मुकाबले धीमी रही। घरेलू और विदेशी दोनों बाजारों में नए कारोबार की ग्रोथ कमजोर रही। उन्होंने कहा कि भर्ती में हल्का सुधार देखने को मिला, जबकि इनपुट कॉस्ट कम होने और कंपनियों द्वारा कीमतें बढ़ाने से मुनाफे के मार्जिन बेहतर हुए।

कॉम्पोजिट PMI भी कमजोर पड़ा

सिर्फ सर्विस सेक्टर ही नहीं, बल्कि मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस दोनों को मिलाकर बनने वाला HSBC इंडिया कॉम्पोजिट PMI भी जुलाई में घटकर 54.3 पर आ गया। जून में यह 57.1 था। यह मार्च 2022 के बाद सबसे धीमी ग्रोथ का संकेत देता है। फैक्ट्री उत्पादन में हल्का सुधार जरूर हुआ, लेकिन सर्विस सेक्टर की सुस्ती का असर ज्यादा बड़ा रहा।