
Nifty Auto में जोरदार तेजी आई। (फोटो:AI)
RBI Repo Rate Impact On Nifty Auto Index: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर बरकरार रखने के बाद नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर रेट-सेंसिटिव सेक्टर के शेयरों में तेजी देखने को मिली। RBI ने वित्त वर्ष 2027 के लिए ने GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर 6.7 कर दिया है। केंद्रीय बैंक के इस भरोसे वाले रूख के कारण शेयर बाजार में अच्छा माहौल बना और सबसे ज्यादा फायदा ऑटो, रियल्टी और सरकारी बैंकिंग सेक्टर के शेयरों को मिला।
RBI के फैसले के बाद NSE पर निफ्टी ऑटो इंडेक्स 443 अंकों या 1.53 फीसदी की तेजी के साथ अपने अब तक के सबसे ऊंचे स्तर 29,489.20 पर पहुंच गया। इससे पहले यह रिकॉर्ड 5 जनवरी 2026 को बना था। एक्साइड इंडस्ट्रीज, ऊनो मिंडा, बॉश, ट्यूब इन्वेस्टमेंट्स ऑफ इंडिया, टाटा मोटर्स कमर्शियल व्हीकल्स, अशोक लेलैंड, हीरो मोटोकॉर्प, समवर्धना मदरसन इंटरनेशनल, टीवीएस मोटर और सोना बीएलडब्ल्यू प्रिसिजन फोर्जिंग्स के शेयर 2 से 4.5 प्रतिशत तक चढ़े।
जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी.के. विजयकुमार का कहना है कि उनके अनुसार यह फैसला शेयर बाजार के लिए पॉजिटिव है और बॉन्ड यील्ड भी फिलहाल स्थिर रहने की संभावना है। क्योंकि RBI ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए देश की आर्थिक विकास दर (GDP) का अनुमान 6.6 प्रतिशत से बढ़ाकर 6.7 प्रतिशत कर दिया और महंगाई (CPI) का अनुमान 5.1 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया। इसका मतलब है कि RBI को अर्थव्यवस्था की मजबूती पर भरोसा है।
निफ्टी रियल्टी इंडेक्स में करीब 3 प्रतिशत की तेजी आई। गोदरेज प्रॉपर्टीज का शेयर 5 प्रतिशत तक उछल गया, जबकि डीएलएफ, प्रेस्टीज एस्टेट्स, लोढ़ा डेवलपर्स और ओबेरॉय रियल्टी के शेयर करीब 3 प्रतिशत मजबूत हुए। वहीं, निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स भी 1.4 प्रतिशत बढ़ा। बैंक ऑफ महाराष्ट्र, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, इंडियन बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक और यूको बैंक के शेयरों में 1 से 2 प्रतिशत तक बढ़त दर्ज की गई। हालांकि, निजी बैंकों में कमजोरी रही और फेडरल बैंक, एक्सिस बैंक तथा एचडीएफसी बैंक के शेयरों में गिरावट आई।
एनारॉक ग्रुप के चेयरमैन अनुज पुरी का कहना है कि रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं होने से स्थिरता के संकेत तो मिलते हैं। लेकिन इससे किफायती घरों की मांग में बड़ी तेजी आने की उम्मीद नहीं है। उनका कहना है कि घरों की कीमतें अभी भी बड़े शहरों में औसतन 7 प्रतिशत सालाना की दर से बढ़ रही हैं। ऐसे में सिर्फ ब्याज दर स्थिर रहने से घर खरीदना आम लोगों के लिए ज्यादा आसान नहीं होगा।
(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी मात्र है। यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर मार्केट/म्यूचुअल फंड में निवेश जोखिम भरा होता है। कहीं भी पैसा लगाने से पहले अपने निवेश सलाहकार से परामर्श लें।)
Updated on:
05 Aug 2026 01:41 pm
Published on:
05 Aug 2026 01:41 pm
