
भारत रद्द करेगा रूस के साथ दो लाख करोड़ की डील
नई दिल्ली। रूस और भारत के बीच की गहरी दोस्ती तो किसी से नहीं छुपी हैं। दोनों ने मिलकर साथ में कई परमाणु परिक्षाणों को किया है। लेकिन एक समझौते को लेकर भारत और रूस के बीच मतभेद पैदा हो गये है। दरअसल2007 में लड़ाकू विमानों को संयुक्त रूप से तैयार करने को लेकर जो समझौता हुआ था भारत ने उससे निकलने की इच्छा जाहिर की हैं। रुस के साथ ये समझौता दो 30 अरब डॉलर यानी लाख करोड़ रुपये में हुआ। भारत की इस समझौते से बाहर निकलने की वजह परियोजना में लगने वाली अत्यधिक लागत को बताया जा रहा है।
11 साल अटकी परियोजना अटकी
हांलाकी अभी तक भारत ने इस पर कोई फैसला नहीं लिया हैं दोनो ही देशों के बीच इस समझौते में बने रहने पर बातचीत चल रही हैं। दोनो देश लागत को उचित तरीके से साझा करने का कोई तरीका निकालने की पूरी कोशिश में लगे हुए है। भारत ने रूस से अत्यधिक लागत लागने को लेकर चिंता जताई हैं। बता दे की इस्तेमाल की जाने वाली तकनीक और तैयार किए जाने वाले विमानों की संख्या के मसले पर भारत और रुस के बीच गंभीर मतभेद चल रहे हैं। जिसके कारण पिछले 11 साल से यह परियोजना अटकी हुई है।
रूस के सामने भारत का पक्ष
भारत ने परियोजना की लागत समेत तमाम मसलों पर अपनी राय रूस के सामने रख दी है। लेकिन रूसी पक्ष की ओर से अब तक कोई जावाब नहीं आया हैं। दरअसल भारत ये चाहता है कि विमान में इस्तेमाल होने वाली तकनीक पर दोनों देशों का समान अधिकार हो, लेकिन रूस विमान में इस्तेमाल की जाने वाली सभी अहम तकनीकों को भारत के साथ साझा करने के लिए तैयार नहीं है। सूत्रों की माने तो अगर रूस भारत के पक्ष को नहीं मानेगा तो भारत इस समझौते से निकाल जायेगा। भारत का पक्ष सुनने के बाद भी रुस का कोई प्रतिक्रिया न देना इससे तो यहीं लग रहा हैं की रूस भी इस समझौते को आगे नही बढ़ाना चाहता हैं।
Published on:
09 Jul 2018 09:34 am
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