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LPG Price Hike: क्रूड ऑयल में 12% से ज्यादा का जबरदस्त उछाल, 100 डॉलर के करीब पहुंच रहे दाम, उधर रसोई गैस सिलेंडर हो गया महंगा

LPG Cylinder Price Hike: रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में लंबे समय बाद आज शनिवार को इजाफा हुआ है। कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम भी बढ़ गये हैं।

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भारत

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Pawan Jayaswal

Mar 07, 2026

LPG Price Hike

गैस सिलेंडर महंगा हो गया है। (PC: AI)

LPG Price Hike: मिडिल ईस्ट में युद्ध के हालात बने रहने से कच्चे तेल के दाम आसमान पर पहुंच गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से बिना शर्त आत्मसमर्पण की मांग की है। इससे युद्ध के लंबे खिंचने की आशंका बढ़ गई है। ऐसा हुआ तो तेल आपूर्ती लंबे समय तक बाधित रह सकती है, जिससे महंगाई बढ़ेगी। इन सब कारणों से क्रूड ऑयल WTI के दाम 12.21 फीसदी या 9.89 डॉलर की बढ़त के साथ 90.90 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गए हैं।

वहीं, ब्रेंट ऑयल की कीमत 8.93 फीसदी या 7.63 डॉलर की बढ़त के साथ 93.04 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई है। अप्रैल 2024 के बाद यह पहली बार है, जब ब्रेंट क्रूड 90 डॉलर से ऊपर गया है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। इससे दुनियाभर में महंगाई बढ़ सकती हैं और केंद्रीय बैंक लंबे समय तक ब्याज दरें ऊंची रखने के लिए मजबूर हो सकते हैं।

महंगा हुआ रसोई गैस सिलेंडर

शनिवार को घरेलू और कमर्शियल दोनों एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ गए हैं। रसोई गैस सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये का इजाफा हुआ है। वहीं, कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में 115 रुपये का इजाफा हुआ है। बिना सब्सिडी वाला रसोई गैस सिलेंडर अब दिल्ली में 913 रुपये में मिल रहा है। मुंबई में यह 912.50 रुपये, कोलकाता में 939 रुपये और चेन्नई में 928.50 रुपये में मिल रहा है। वहीं, कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत अब दिल्ली में 1883 रुपये है। वहीं, उज्जवला योजना में मिलने वाले गैस सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

शहरघरेलू एलपीजी सिलेंडर (बिना सब्सिडी)
दिल्ली₹913
मुंबई₹912.50
कोलकाता₹939
चेन्नई₹928.50

ट्रंप का सख्त रुख

ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ तब तक कोई समझौता नहीं होगा, जब तक वह 'बिना शर्त आत्मसमर्पण' नहीं करता। इससे साफ है कि अमेरिका इस संघर्ष में सख्त रुख अपनाए हुए है। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, 'ईरान के साथ कोई डील नहीं होगी, सिवाय UNCONDITIONAL SURRENDER के!' उन्होंने यह भी कहा कि अगर ऐसा होता है, तो अमेरिका और उसके सहयोगी देश ईरान को दोबारा खड़ा करने और उसकी अर्थव्यवस्था को बहाल करने में मदद करेंगे।

ट्रंप ने लिखा, 'इसके बाद और एक महान व स्वीकार्य नेतृत्व के चयन के बाद, हम और हमारे बहादुर सहयोगी मिलकर ईरान को विनाश के कगार से वापस लाने के लिए लगातार काम करेंगे, ताकि उसकी अर्थव्यवस्था पहले से ज्यादा बड़ी, बेहतर और मजबूत बन सके।'

मिडिल ईस्ट में हमले तेज

ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब मिडिल ईस्ट में हमले और तेज हो गए हैं। इजरायल ने ईरान के सरकारी ढांचे पर बड़े पैमाने पर हमले शुरू कर दिए हैं, जबकि ईरान के ड्रोन और मिसाइलें खाड़ी देशों की ओर दागी जा रही हैं। सऊदी अरब, कतर, कुवैत, बहरीन और यूएई ने भी बीती रात से कई मिसाइल और ड्रोन हमलों को इंटरसेप्ट करने की जानकारी दी है। इससे पहले ट्रंप ने कहा था कि ईरान को उम्मीद से पहले और अभूतपूर्व स्तर पर तबाह किया जा रहा है। उनके अनुसार, ईरान के पास अब न तो एयरफोर्स बची है और न ही एयर डिफेंस सिस्टम।

वहीं, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा कि उनका देश किसी भी तरह की बातचीत के मूड में नहीं है और अगर जमीनी हमला होता है तो उसके लिए भी तैयार है।

दिसंबर के बाद से ब्रेंट में 52% का उछाल

इस युद्ध ने तेल बाजार को हिला कर रख दिया है। 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा सैन्य अभियान शुरू करने के बाद लगभग एक दर्जन देश इस संघर्ष में उलझ चुके हैं। दिसंबर के आखिर से अब तक ब्रेंट क्रूड की कीमतें लगभग 52% तक बढ़ चुकी हैं। इससे पहले इतना तेज उछाल नवंबर 2021 से मार्च 2022 के बीच देखा गया था, जब कीमतें पांच महीनों में 68.5% चढ़ गई थीं।

2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के समय ब्रेंट क्रूड 139 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था। वहीं, जुलाई 2008 में इसकी कीमत 148 डॉलर प्रति बैरल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची थी, जिसके बाद यह गिरकर 36 डॉलर तक आ गई थी।