यदि EPF अकाउंट होल्डर की एक मार्च 2020 से लेकर 30 सितंबर 2020 के बीच कोविड के चलते नौकरी चली गई या एक अक्टूबर 2020 के बाद नौकरी मिली है तो उसे भी इस योजना में लाभार्थी बनाया जाएगा।
नई दिल्ली। केन्द्र सरकार ने कोरोना के चलते आर्थिक संकट से जूझ रही अर्थव्यवस्था में सुधार और देश के लोगों को राहत पहुंचाने के लिए नए राहत पैकेज की घोषणा की है। नए पैकेज के तहत केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना को आगे बढ़ाने की घोषणा करते हुए कहा है कि प्राइवेट कंपनियों में नई नियुक्तियों के संदर्भ में पीएफ अकाउंट में कर्मचारियों के हिस्से की राशि भी सरकार ही वहन करेगी।
उल्लेखनीय है कि गत वर्ष लागू की गई आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना के तहत पहले कर्मचारियों के PF अकाउंट में दी जाने वाली कंपनियों के हिस्से की राशि सरकार ने देना तय किया था परन्तु अब इसका दायरा बढ़ा कर कर्मचारियों तक कर दिया गया है। इसका सीधा लाभ कर्मचारियों को होगा। इस योजना के तहत अब तक सरकार लगभग 21 लाख से अधिक एम्प्लाईज के लिए 902 करोड़ रुपए खर्च कर चुकी है।
यदि कंपनी में है 1000 से कम कर्मचारी तो पूरा PF देगी सरकार
मोदी सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना को एक अक्टूबर 2020 को लागू किया गया था। आरंभ में योजना को 30 जून 2021 तक लागू किया गया था परन्तु कोरोना की दूसरी लहर के कारण हुए नुकसान के तहत जिन कंपनियों में 1000 से कम कर्मचारी है, उनमें नियोक्ता (कंपनी की तरफ से) तथा एम्प्लॉई दोनों के हिस्से की PF की राशि सरकार की तरफ से दी जाएगी।
केन्द्र सरकार की इस योजना के तहत ऐसा नया स्टॉफ जिनकी सैलेरी 15,000 रुपए से कम है, उन्हें लाभ दिया जाएगा। यदि EPF अकाउंट होल्डर की एक मार्च 2020 से लेकर 30 सितंबर 2020 के बीच कोविड के चलते नौकरी चली गई या एक अक्टूबर 2020 के बाद नौकरी मिली है तो उसे भी इस योजना में लाभार्थी बनाया जाएगा।