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43 लाख से ज्यादा म्यूचुअल फंड SIP हुईं बंद, क्यों निवेशक ले रहे यह फैसला?

नवंबर 2025 में 43.18 लाख SIP बंद या पूरी हुईं, जबकि SIP योगदान में मामूली गिरावट दर्ज की गई। आंकड़े बताते हैं कि SIP रोकने के पीछे टेन्योर पूरा होना, प्रदर्शन और व्यक्तिगत कारण अहम भूमिका निभाते हैं।

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भारत

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Thalaz Sharma

Jan 09, 2026

SIP closing trend

प्रतीकात्मक तस्वीर (PC: AI)

SIP में निवेश को लंबे समय में वेल्थ क्रिएशन का एक लोकप्रिय तरीका माना जाता है। भारतीय म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में इसकी हिस्सेदारी लगातार बढ़ी है। बाजार में उतार-चढ़ाव, ब्याज दरों में बदलाव और निवेशकों की बदलती प्राथमिकताएं SIP के व्यवहार को प्रभावित करती रही हैं। हाल के महीनों में SIP जारी रखने और बीच में रोकने को लेकर चर्चा तेज हुई है। नवंबर 2025 के आंकड़ों से पता चलता है कि बड़ी संख्या में निवेशकों ने अपनी SIP को बंद या पूरा किया, जिससे SIP में निवेश करने के का एक ट्रेंड सामने आया है।

SIP बंद होने के ताजा आंकड़े

लाइव मिंट की एक रिपोर्ट के अनुसार म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के ताजा आंकड़ों में देखा गया कि नवंबर 2025 में कुल 43.18 लाख SIP बंद या पूरी हुई हैं। इससे पहले अक्टूबर में यह संख्या 45.10 लाख, सितंबर में 44.03 लाख और अगस्त में 41.15 लाख दर्ज की गई थी। यह आंकड़े बताते हैं कि हर महीने बड़ी संख्या में SIP अपने टेन्योर के पूरा होने या निवेशक के फैसले के कारण बंद हो रही हैं। हालांकि, यह ट्रेंड असामान्य नहीं है, लेकिन निवेशकों की भागीदारी और निरंतरता को समझने के लिए यह महत्वपूर्ण संकेत देता है।

SIP योगदान में हल्की गिरावट

नवंबर 2025 में SIP के जरिए कुल निवेश राशि 29,445 करोड़ रुपये रही, जो अक्टूबर के 29,529 करोड़ रुपये से थोड़ी कम थी। आमतौर पर SIP योगदान में महीने दर महीने बढ़ोतरी देखी जाती है, लेकिन इस अवधि में मामूली गिरावट दर्ज की गई। यह संकेत देते हैं कि कुछ निवेशकों ने या तो SIP रोक दी या निवेश राशि घटाई। इसके बावजूद कुल SIP योगदान ऐतिहासिक रूप से ऊंचे स्तर के आसपास बना हुआ है, जो म्यूचुअल फंड में निवेशकों के भरोसे को दर्शाता है।

निवेशक SIP क्यों रोकते हैं?

SIP रोकने के पीछे कई व्यावहारिक कारण सामने आते हैं। कुछ निवेशक तब SIP बंद करते हैं जब उनका निर्धारित निवेश काल पूरा हो जाता है। कई मामलों में फंड का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहने पर निवेशक SIP जारी नहीं रखते। इसके अलावा वित्तीय लक्ष्य हासिल हो जाना, बेहतर निवेश विकल्प मिलना या अचानक नकदी की जरूरत भी SIP रोकने के कारण बनते हैं। इन वजहों से SIP बंद होना हमेशा नकारात्मक संकेत नहीं माना जाता, बल्कि यह निवेश चक्र का स्वाभाविक हिस्सा भी हो सकता है।