
एनवीडिया अपने कर्मचारियों को अतिरिक्त शेयर दे रहा है। (PC: AI)
Nvidia Jensen Special Grant: सोचिए आपकी तनख्वाह पहले से ही अच्छी है, और एक दिन कंपनी कहे कि लो, ऊपर से 25% और शेयर। यही हुआ Nvidia के भारत में बैठे करीब 10,000 कर्मचारियों के साथ। कंपनी के CEO जेन्सेन हुआंग ने 2024 में एक खास योजना शुरू की जिसे "Jensen Special Grant" नाम दिया गया। इसके तहत कर्मचारियों को उनके पहले से तय RSU यानी Restricted Stock Units के ऊपर 25 फीसदी अतिरिक्त शेयर दिए गए। सैलरी ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म 6figr के मुताबिक भारत में इस ग्रांट का फायदा उठाने वाले कर्मचारियों की तादाद करीब 10,000 है।
ये ग्रांट एक झटके में नहीं मिलती। इसे चार साल में बांटा गया है, सितंबर 2024 से शुरू होकर 2028 तक हर तिमाही में थोड़ा-थोड़ा करके। यानी ये एक तरह का लंबी दौड़ का इनाम है जो कर्मचारी को कंपनी से जोड़े रखता है।
रकम की बात करें तो एक मिड-लेवल कर्मचारी को इस स्पेशल ग्रांट के तहत करीब 5.3 लाख रुपये के अतिरिक्त शेयर मिले, और ये उनकी नियमित सालाना इक्विटी के ऊपर था। वहीं, कई सीनियर पदों पर कुल unvested यानी अभी तक न मिले शेयरों की कीमत 1 करोड़ रुपये से भी ज्यादा है।
हालांकि, असली रकम Nvidia के शेयर भाव और डॉलर-रुपया एक्सचेंज रेट पर निर्भर करती है, इसलिए हर किसी को एक जैसा नहीं मिला।
Nvidia में काम करने वाले इंजीनियरों के लिए सैलरी तो बस एक हिस्सा है, असली कमाई शेयरों से होती है। मिड से सीनियर लेवल के इंजीनियरों की कुल कमाई में इक्विटी का हिस्सा 50 से 75 फीसदी तक हो सकता है। AI और सेमीकंडक्टर जैसे हाई-डिमांड क्षेत्रों में काम करने वाले सीनियर इंजीनियर सालाना 2 से 3 करोड़ रुपये तक कमा सकते हैं, और इसमें बड़ा हिस्सा इसी इक्विटी का होता है।
ये पूरा मामला सिर्फ एक कंपनी के बोनस की कहानी नहीं है। इसके पीछे एक बड़ी तस्वीर है। दुनिया की बड़ी टेक कंपनियां अब भारत को सिर्फ एक सस्ते मजदूरों का बाजार नहीं, बल्कि AI और चिप डिजाइन के लिए एक अहम टैलेंट सेंटर मानने लगी हैं।
ऐसे में होशियार और काबिल इंजीनियरों को अपने पास रोके रखना आसान नहीं। इसीलिए कंपनियां अब भारी-भरकम स्टॉक ग्रांट का सहारा ले रही हैं ताकि कोई बेहतर ऑफर मिलने पर भी कर्मचारी इधर-उधर न भागे।
Nvidia का ये कदम उसी बड़ी होड़ का हिस्सा है जो दुनियाभर की टेक कंपनियों के बीच टॉप टैलेंट को लेकर चल रही है, और भारत इस लड़ाई का एक बड़ा मैदान बनता जा रहा है।
Updated on:
14 Apr 2026 03:33 pm
Published on:
14 Apr 2026 02:56 pm
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