
LPG Gas connection subsidy (फोटो सोर्स : एआई जेनरेटेड)
LPG subsidy: सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियां अब LPG सिलेंडर पर मिलने वाली सब्सिडी से कई ऐसे लोगों को बाहर करने की योजना बना रही है, जो इसके हकदार नहीं है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि सरकार दुनिया भर में बढ़ती एनर्जी की कीमतों और सब्सिडी पर होने वाले खर्च के बढ़ते दबाव से जूझ रही है। हाल ही में इन कंपनियों द्वारा अपने ग्राहकों को मैसज भेजकर यह चेतावनी दी गई है कि सब्सिडी बंद की जा सकती है।
सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियों में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (इंडेन), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (भारत गैस) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपी गैस) शामिल हैं। इन कंपनियों ने ग्राहकों को भेजे गए मैसेज मे बताया कि जिन लोगों के टैक्स रिकॉर्ड से पता चलता है कि उनकी सालाना इनकम 10 लाख रुपए से ज्यादा है, उनकी सब्सिडी बंद की जा सकती है। ऐसे में इन परिवारों को अपनी आपत्ती जताने के लिए 7 दिन का समय दिया गया है। जो परिवार 7 दिनों में अपनी सही आय प्रमाणित नहीं कर पाएगा उनकी सब्सिडी बंद कर दी जाएगी।
साल 2015 के सरकारी नियमों के मुताबिक ऐसे परिवार जिनकी सालाना आय 10 लाख रुपए से कम है, उनको LPG सब्सिडी दी जाती है। पहले यह योजना स्वघोषणा पर आधारित थी लेकिन अब कपंनियां आयकर विभाग के रिकॉर्ड से इसका सत्यापन कर रही है। ऐसे में जिन परिवारों ने गलत इनकम बताई है उनकी सब्सिडी बंद हो सकती है।
मिडिल ईस्ट मे चल रहे तनाव के बाद से देश में घरेलू और कॉमर्शियल दोनों ही प्रकार के LPG सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में तेल कंपनियों का यह मैसेज आने वाले समय में कई परिवारों पर महंगी गैस का बोझ और बड़ा सकता है। हालांकि, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि देश में पेट्रोल-डीजल और गैस का पर्याप्त भंडार है और इसमें कोई कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि पिछले तीन दिनों में 1.14 करोड़ बुकिंग के मुकाबले 1.26 करोड़ सिलेंडरों को घरों तक पहुंचाया गया है।
Updated on:
12 May 2026 12:34 pm
Published on:
12 May 2026 12:34 pm
