
सरकारी शेयरों में रिकवरी शुरू हो गई है। (PC: Pixabay)
सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSU) के शेयरों में चमक पिछले एक साल में फीकी पड़ी है। 63 शेयरों वाला बीएसई पीएसयू इंडेक्स पिछले एक साल में करीब 12% गिरा है। जबकि इस दौरान सेंसेक्स ने 1.5% की मामूली बढ़त दर्ज की है। इस गिरावट से निवेशकों को 10 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है, जिससे पीएसयू स्टॉक्स का मार्केट कैप 64 लाख करोड़ रुपए रह गया है। मुनाफावसूली के चलते निवेशकों ने पीएसयू स्टॉक्स से दूरी बनाना शुरू किया, जिससे इनमें गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, इस साल के मार्च लो से अब तक बीएसई पीएसयू इंडेक्स 26% चढ़ चुका है। इस दौरान डिफेंस और पीएसयू बैंक स्टॉक्स में बड़ी तेजी आई।
लेकिन अब सरकार की नीतियों और रिफॉर्म्स के कारण मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि इनमें वापसी की पूरी क्षमता है। हालिया गिरावट के बावजूद बाजार में पीएसयू शेयरों के भविष्य को लेकर आशावाद बना हुआ है। घरेलू मांग और सरकार के पूंजीगत व्यय में वृद्धि से वित्त वर्ष 2026 और 2027 में कॉर्पोरेट आय में सुधार की उम्मीद है। इसके अलावा, कई पीएसयू शेयरों की वैल्यूएशन अब अधिक आकर्षक दिख रही है। ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल का मानना है कि पीएसयू स्टॉक्स अब अंडरपरफॉर्मर नहीं रहे और इनमें गिरावट स्थायी नहीं है।
Updated on:
21 Jul 2025, 10:47 AM IST
Published on:
21 Jul 2025, 10:44 AM IST
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