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Real Estate News: होम लोन बन गया है बोझ? इन टिप्स से दूर हो जाएगी आपकी प्रॉब्लम

Real Estate News: अगर होम लोन की ईएमआई आपको बोझ लग रही है, तो आप लोन की रिफाइनेंसिंग करा सकते हैं। ग्राहक अपने मौजूदा लोन को किसी नए कर्जदाता के पास ट्रांसफर कर सकते हैं।

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लोन का प्रीपेमेंट करके भी ब्याज की रकम को कम कर सकते हैं। (PC: Gemini)

Real Estate News: बिना प्लानिंग के लिया गया होम लोन आपके लिए एक बड़ा वित्तीय बोझ बन सकता है। सिर्फ इसलिए होम लोन नहीं लें, क्योंकि यह आपको मिल रहा है। अगर आपके पास कोई स्थायी इनकम सोर्स नहीं है, तो आपको ईएमआई भरने में परेशानी हो सकती है और आप कर्ज के जाल में फंस सकते हैं। बहुत से लोग डाउन पेमेंट बहुत कम करते हैं और बड़ी रकम का लोन ले लेते हैं। इससे उन्हें ब्याज के रूप में भारी-भरकम रकम चुकानी पड़ जाती है। आज हम आपको कुछ ऐसी बातें बताएंगे, जिनको फॉलो कर आप कर्ज के जाल में फंसने से बच सकते हैं।

कितना हो होम लोन का टैन्योर?

बेसिक होम लोन के सीईओ और सह-संस्थापक अतुल मोंगा ने पत्रिका डॉट कॉम को बताया कि होम लोन में सही अवधि को चुनना बहुत महत्वपूर्ण है। अगर आप कम अवधि का लोन चुनते हैं, तो आपको कम ब्याज चुकाना होगा, लेकिन आपकी मंथली ईएमआई की राशि बढ़ जाएगी। दूसरी तरफ अगर आप लंबी अवधि का लोन चुनते हैं, तो आपकी मासिक ईएमआई कम रकम की बनेगी। लेकिन लोन अवधि में आपका कुल ब्याज बढ़ जाएगा। मोंगा ने कहा कि ग्राहकों को अपनी वर्तमान आय और भविष्य में आय वृद्धि की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए लोन की अवधि का बुद्धिमानी से चुनाव करना चाहिए।

कितनी होनी चाहिए EMI की रकम?

मोंगा ने बताया कि ग्राहक की मंथली इनकम के 35 से 40% से ज्यादा ईएमआई की रकम नहीं होनी चाहिए। इसका अर्थ है कि यदि आपकी मासिक आय 1 लाख रुपये है, तो आपके सभी लोन्स की कुल ईएमआई 35,000 से 40,000 रुपये के बीच सीमित रहनी चाहिए। मोंगा के अनुसार, इस लिमिट को फॉलो करने से आप अनावश्यक वित्तीय तनाव से बच सकते हैं।

लोन का प्रीपेमेंट करने की सोचें

यदि आपके पास कहीं से अतिरिक्त आय हुई है, तो आप अपने लोन का कुछ प्रीपेमेंट कर सकते हैं। इससे आपके लोन की अवधि घट जाएगी और आपको कम ब्याज देना पड़ेगा। अतुल मोंगा के अनुसार, वित्तीय अनुशासन और समय पर सही फैसले लेने पर होम लोन आपके लिए दीर्घकालिक वित्तीय सुरक्षा की दिशा में एक सही कदम साबित होगा।

करा सकते हैं रिफाइनेंसिंग

मोंगा सलाह देते हैं कि होम लोन लेने के बाद ग्राहकों को अपनी ब्याज दर पर लगातार नजर रखनी चाहिए। यदि आवश्यकता पड़े, तो होम लोन ग्राहक को रिफाइनेंसिंग के बारे में सोचना चाहिए। रिफाइनेंसिंग में ग्राहक अपने मौजूदा लोन को किसी नए कर्जदाता के पास ट्रांसफर करते हैं, जो उन्हें कम ब्याज दर और आसान शर्तें प्रदान कर रहा हो। ऐसा करने से आपका कुल ब्याज कम हो जाएगा और ईएमआई का बोझ भी हल्का होगा।