
दुबई में प्रशासन की सख्ती से प्रवासी मजदूरों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। (PC: Pixabay)
Room Rent in Dubai: लग्जरी टावर और ऊंची-ऊंची इमारतों के लिए मशहूर दुबई में हजारों प्रवासी मजदूरों का जीवन इन दिनों और कठिन हो गया है। प्रशासन ने अवैध रूप से पार्टिशन किए गए अपार्टमेंट्स और भीड़भाड़ वाले किराए के कमरों पर सख्ती शुरू कर दी है। यह कदम जून में दुबई मरीना की 67 मंजिला इमारत में लगी आग के बाद उठाया गया, जिसमें 3800 से अधिक लोगों को बाहर निकालना पड़ा। उस टावर के फ्लैट्स में औसतन सात-सात लोग रह रहे थे। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने और आग जैसी घटनाओं को रोकने के लिए है। हालांकि, जिन मजदूरों पर इसका सीधा असर पड़ा है, उनके सामने अब रहने की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है।
दुबई में किराए की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। रियल एस्टेट फर्म एंगेल एंड वोल्कर्स के अनुसार, एक बेडरूम का औसत किराया करीब 1,400 डॉलर है। वहीं, कम आय वाले इलाकों में पार्टिशन वाले कमरे 220 से 270 डॉलर में मिलते हैं और साझा बंक बेड की कीमत आधी होती है। अधिकांश प्रवासी मजदूर अफ्रीका और एशिया से आते हैं। वे निर्माण, सुरक्षा, सफाई और डिलीवरी जैसे काम करते हैं और अक्सर 300 से 550 डॉलर मासिक कमाते हैं। कई अपने परिवार को पैसे भेजते हैं, जिससे खुद के लिए बहुत सीमित रकम बचती है।
हाल में कई प्रवासी अवैध पार्टिशन अपार्टमेंट छोड़ने को मजबूर हुए। अब कुछ लोग 14 से 20 अन्य लोगों के साथ एक कमरे में रह रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें समझ नहीं आ रहा सरकार उनसे क्या चाहती है। बढ़ते किराए के कारण लीगल अपार्टमेंट लेना मुश्किल है, और बेघर होने का डर बना हुआ है।
Published on:
29 Jul 2025 11:36 am
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