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Rupee की ज़ोरदार धड़ाम, अमरीकी Dollar के सामने दर्ज की रिकॉर्ड गिरावट

पिछले कुछ समय से लगातार गिर रहे भारतीय रुपये ने आज अमरीकी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड गिरावट दर्ज की है।

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Rupee falls

कहा जाता है कि जब आपका समय सही नहीं चल रहा हो, तो आप ज़ोर से गिर जाते है। ऐसा ही रुपये (Rupee) के साथ भी पिछले कुछ समय से हो रहा है। भारतीय मुद्रा (Indian Currency) रुपये पिछले कुछ समय से अमरीकी डॉलर (Dollar) के मुकाबले लगातार गिरता जा रहा है। कोशिशों के बाद भी यह सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। हालांकि ऐसा भी देखने को मिलता है जब रुपये में उछाल आता है, पर वह पर्याप्त नहीं होता। पर आज कुछ ऐसा हुआ, जो पहले कभी भी नहीं हुआ है। करेंसी बाज़ार के बंद होने के साथ अमरीकी डॉलर के मुकाबले आज रुपये में रिकॉर्ड गिरावट दर्ज की गई है।


रिकॉर्ड गिरावट

आज 19 अक्टूबर को करेंसी बाज़ार के बंद होने के साथ रुपये में डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड गिरावट दर्ज की गई। आज 66 पैसे (0.8%) की गिरावट के साथ रूपया अमरीकी डॉलर के मुकाबले 83.02 पर बंद हुआ है।

क्या होता है गिरावट का मतलब?

मुद्रा के गिरने का मतलब होता है इसके मूल्य में कमी आना। ऐसे में रुपये का गिरना यानि की अमरीकी डॉलर के मुकाबले इसका मूल्य कम होना। ऐसे में 1 डॉलर का मूल्य 83.02 रुपये हो गया है, जो रुपये के मूल्य में रिकॉर्ड गिरावट है। इससे देश की कंपनियों को बभी कई प्रॉडक्ट्स की कीमतें बढ़ानी पढ़ती हैं और जनता पर महंगाई का बोझ बढ़ता है।


क्या है रुपये के गिरने का कारण?

रुपये के गिरने के कारण पर गौर किया जाए तो यह डॉलर में आई मज़बूती है। अमरीका द्वारा बॉन्ड रेट (US Treasury Yeilds) में वृद्धि करने के बाद से ही रुपये में लगातार गिरावट जारी है। अमरीका द्वारा की गई इस वृद्धि के कारण भारत सरकार के 10 साल के बॉन्ड पर यील्ड बढ़कर 7.4510% हो गया है। एक्सपर्ट्स की माने तो अगर रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया ने इस बारे में कुछ नहीं किया, तो मार्च 2023 तक रुपया 85 तक गिर सकता है।