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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने गुरुवार को अमेजन-फ्यूचर-रिलायंस (Amazon-Future-Reliance) के मामले को लेकर दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High Court) के समक्ष सभी कार्यवाहियों पर पाबंदी लगाई है।
अदालत ने राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (NCLT),सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) और भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) से चार सप्ताह के लिए मामले से जुड़े कोई अंतिम आदेश पारित नहीं करने को कहा है।
CJI एनवी रमना,जस्टिस सूर्यकांत और एएस बोपन्ना की एक बेंच ने फ्यूचर कूपन प्राइवेट लिमिटेड और फ्यूचर रिटेल लिमिटेड की तरफ से दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ दायर स्पेशल लीव पिटीशन पर आदेश पारित किया है।
इसी के संग फ्यूचर रिटेल लिमिटेड के शेयर प्राइस में दस फीसदी तक करीब उछाल देखा गया। दोपहर 2.49 बजे कंपनी का शेयर 9.90 फीसदी तक चढ़ चुका है। NSE शेयर प्राइस 50.50 रुपये पर ट्रेड किया।
इसमें फ्यूचर ग्रुप की फर्मों और उसके प्रमोटरों किशोर बियानी और अन्य की संपत्ति को इमरजेंसी अवार्ड के उल्लंघन के लिए कुर्क करने का निर्देश दिया था।
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के कुर्की के आदेश के खिलाफ फ्यूचर ग्रुप की याचिका पर नोटिस जारी करा है। कोर्ट ने FRL और फ्यूचर कूपन प्राइवेट लिमिटेड (FCPL) की ओर से पेश वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे और मुकुल रोहतगी के बयानों पर विचार किया।आर्बिटेटर ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद मामले में अंतिम फैसला सुरक्षित रखा है।
गौरतलब है कि अगस्त माह में सुप्रीम कोर्ट ने रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries)और फ्यूचर ग्रुप (Reliance Future Deal) के बीच एक डील के खिलाफ Amazon की याचिका पर फैसला लिया था। सुप्रीम कोर्ट ने अमेजन (Amazon) के पक्ष में फैसला सुना दिया था।
Published on:
9 Sep 2021, 4:41 PM IST
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