
मार्केट में बड़ी गिरावट देखी जा रही है। (PC: AI)
Why Share Market Fall: तीन दिन। तीन बड़े झटके और निवेशकों की जेब से 7 लाख करोड़ रुपये साफ। शुक्रवार को जब बाजार खुला तो सेंसेक्स 800 से ज्यादा अंक टूट गया। निफ्टी 24,000 के नीचे चला गया। ये सिर्फ आज की बात नहीं है, ये एक के बाद एक आ रहे झटकों की सीरीज है। BSE पर लिस्टेड कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण आज एक ही दिन में 466 लाख करोड़ रुपये से घटकर 462 लाख करोड़ रुपये रह गया, यानी सिर्फ एक सत्र में 4 लाख करोड़ रुपये का नुकसान। 21 अप्रैल को बाजार पूंजीकरण 469 लाख करोड़ रुपये था। आज वो 462 लाख करोड़ रुपये पर है। तीन दिनों में सेंसेक्स 2,400 से ज्यादा अंक यानी करीब 3% टूट चुका है। निफ्टी में 2.6% की गिरावट आई है।
होर्मुज स्ट्रेट अभी भी बंद पड़ा है। यहां से दुनिया का 20 फीसदी तेल और एक तिहाई गैस गुजरती थी। अमेरिका और ईरान के बीच जो बातचीत पाकिस्तान में होनी थी, वो हुई ही नहीं। दोनों पक्ष आए ही नहीं। हद तो यह है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने अपनी सेना को ईरानी नौकाओं को "मार गिराने" के आदेश दिए हैं। जवाब में ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने कहा कि ईरान के लोग किसी भी बाहरी दुश्मनी का मिलकर जवाब देंगे। जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार VK विजयकुमार का कहना है कि जब तक होर्मुज स्ट्रेट नहीं खुलता और संघर्ष का कोई हल नहीं निकलता, बाजार की दिशा तय नहीं होगी।
कच्चे तेल की कीमतें इस हफ्ते करीब 18% उछल चुकी हैं। भारत जैसे देश के लिए यह सीधे महंगाई और कंपनियों के मुनाफे पर असर डालती है। जानकारों की चिंता है कि अगर तेल महंगा रहा तो अगली तिमाही यानी Q1FY27 की कमाई पर बड़ी मार पड़ सकती है।
भारतीय रुपया शुक्रवार को 24 पैसे और कमजोर होकर 94.25 प्रति डॉलर पर आ गया। लगातार पांचवें दिन रुपये में गिरावट आई है। जब रुपया गिरता है, तो विदेशी निवेशकों का भारत से पैसा निकालने का मन बनता है और यही हो भी रहा है।
कुछ दिन पहले विदेशी संस्थागत निवेशकों ने खरीदारी की थी, तो लगा शायद बुरा दौर टल गया है। लेकिन यह राहत अल्पकालिक थी। पिछले चार कारोबारी सत्रों में FII ने कैश सेगमेंट में 8,300 करोड़ रुपये से ज्यादा की बिकवाली कर डाली है। विजयकुमार कहते हैं कि FII की बिकवाली और तेल की बढ़ती कीमतें मिलकर रुपये पर दबाव बना रहे हैं। अगर यह सिलसिला जारी रहा तो बड़ी कंपनियों के शेयर और गिर सकते हैं।
निफ्टी 24,000 के नीचे टूट चुका है जो एक बड़ा सपोर्ट लेवल था। Kotak Securities के इक्विटी रिसर्च प्रमुख श्रीकांत चौहान के अनुसार अब 24,300 का स्तर प्रतिरोध का काम करेगा। उनका कहना है कि इस स्तर से नीचे गिरावट जारी रह सकती है और निफ्टी 23,900 तक फिसल सकता है। ऊपर जाने के लिए 24,300 के पार जाना जरूरी है, तभी 24,450-24,500 का रास्ता खुलेगा।
बाजार में जब चारों तरफ से बुरी खबरें आ रही हों तो घबराहट में बेचना समझदारी नहीं है। लेकिन आंख मूंदकर बैठे रहना भी ठीक नहीं। जानकारों का मानना है कि जब तक वैश्विक तनाव का कोई ठोस हल नहीं आता, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहेगा।
Published on:
24 Apr 2026 12:30 pm
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