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Share Market: सेंसेक्स 1450 अंक गिरा, IT सेक्टर बेहाल, लेकिन इन दो शेयरों ने कर दिया कमाल

Stock Market Today: मंगलवार को सेंसेक्स 1,450 अंक और निफ्टी 436 अंक गिरे। आईटी शेयरों में भारी बिकवाली रही। ईरान तनाव से कच्चा तेल 106 डॉलर पार। वहीं सरकारी रॉयल्टी कटौती से ONGC और Oil India 6 फीसदी से ज्यादा उछले।

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TCS Infosys Wipro share fall

शेयर बाजार में लागातार गिरावट का दौर जारी है। फोटो: पत्रिका

Stock Market Updates: आज का दिन शेयर बाजार के निवेशकों के लिए भारी नुकसान लेकर आया। यह लगातार चौथा सत्र था जब बाजार में गिरावट दर्ज हुई। बीएसई सेंसेक्स करीब 1.92 फीसदी गिरावट के साथ 1,456 अंक टूटकर 74,559 के स्तर पर आ गया। इसके साथ ही निफ्टी-50 भी 1.83 फीसदी गिरकर 436 अंकों की गिरावट के साथ 23,379 के स्तर पर बंद हुआ। शेयर बाजार में हो रही लगातार इस बिकवाली की बड़ी वजह मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के साथ-साथ क्रूड ऑयल की कीमतों में हो रही तेजी है।

चारों और लाल निशान का आतंक

मंगलवार को NSE पर सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में रहे। सबसे ज्यादा गिरावट NIFTY REALTY में दर्ज की गई जहां इसमें 4 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई। इसके साथ ही NIFTY IT और NIFTY MIDSMALL IT & TELECOM में 3 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज हुई। इसके साथ ही निफ्टी मिडकैप 0.81 फीसदी और स्मॉलकैप 1.26 फीसदी नीचे आए। बैंक निफ्टी में भी करीब 1 फीसदी की गिरावट रही।

आईटी शेयरों में भूचाल

इस गिरावट में सबसे बड़ा झटका आईटी सेक्टर को लगा। निफ्टी आईटी इंडेक्स 3.3 फीसदी टूट गया। TCS, Infosys, HCLTech और Wipro के शेयर 2.5 से 4 फीसदी तक नीचे आ गए। इसकी बड़ी वजह अमेरिका में आने वाला महंगाई यानी इन्फ्लेशन डेटा था। निवेशक इस डेटा से पहले जोखिम उठाने के मूड में नहीं थे और उन्होंने आईटी शेयरों में बिकवाली की। अमेरिकी बाजार से जुड़े होने के कारण भारतीय आईटी कंपनियां इस दबाव में सीधे आ जाती हैं।

इन शेयरों में आया जोरदार उछाल

एक तरफ जहां पूरा बाजार गिरावट के दौर से गुजर रहा था वहीं, ONGC और Oil India चमक रहे थे। ONGC 6 फीसदी और Oil India 6.6 फीसदी की तेजी के साथ बंद हुए। इसके पीछे ब्रोकरेज फर्म CLSA की एक रिपोर्ट थी। CLSA ने कहा कि सरकार ने कच्चे तेल और गैस उत्पादन पर रॉयल्टी में कटौती की है, जो इन दोनों कंपनियों के लिए बड़ा फायदेमंद कदम है। इस खबर के बाद निवेशकों ने इन शेयरों में जमकर खरीदारी की।

कच्चे तेल का असर

बाजार पर दबाव की एक बड़ी वजह वैश्विक स्तर पर बढ़ता तनाव है। ब्रेंट क्रूड का मई फ्यूचर कॉन्ट्रेक्ट 2.53 फीसदी उछलकर 106.85 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। कच्चे तेल की यह तेजी भारत जैसे आयातक देश के लिए सीधे महंगाई और बाजार दबाव का संकेत है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनता से पेट्रोल-डीजल और गैस के संयम पूर्वक उपयोग करने की अपील के बाद से ही बाजार में लगातार गिरावट देखी जा रही है।