12 मई 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Energy Security: भारत में बढ़ेगा पेट्रोल-डीजल का उत्पादन, मोदी सरकार ने कंपनियों के लिए आसान किए नियम

Oil and Gas Industry India: केंद्र सरकार ने तेल और गैस क्षेत्र में निवेश बढ़ाने के लिए रॉयल्टी दरों में बड़ी कटौती की है। कच्चे तेल पर रॉयल्टी को 16.66% से घटाकर 10% कर दिया गया है। इस फैसले से ONGC और ऑयल इंडिया जैसी कंपनियों का खर्च कम होगा और देश में पेट्रोलियम उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।

2 min read
Google source verification
Jodhpur fuel crisis, HPCL petrol pump shortage, petrol diesel shortage India, fuel crisis Rajasthan, जोधपुर पेट्रोल संकट, HPCL पंप समस्या, पेट्रोल डीजल की कमी, ईंधन संकट राजस्थान, पेट्रोल पंप ड्राई खबर, Fuel Crisis

फाइल फोटो- पत्रिका

India Petrol Diesel Production: भारत में तेल और गैस के उत्पादन को बढ़ाने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भारत के तेल और गैस उद्योग के अपस्ट्रीम सेक्टर के लिए रॉयल्टी दरों में सुधार करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अपस्ट्रीम सेक्टर से मतलब तेल और गैस का उत्पादन करने वाली कंपनियों से है। यानी की जमीन और समुद्र से कच्चा तेल और गैस निकालने वाली कंपनियां जो सरकार को टैक्स देती है वह अब तक अलग-अलग था लेकिन अब उनमें जरूरी बदलाव किए जाएंगे।

क्या है नया फैसला?

तेल कंपनियां जब जमीन और समुद्र से तेल और गैस निकालती है तो उन्हें सरकार को कुछ शुल्क देना पड़ता है जिसे रॉयल्टी कहते हैं। सरकार ORD Act के तहत बदलाव करके तेल और गैस निकालने वाली कंपनियों के लिए नियम आसान और ज्यादा स्थिर बना रही है। अब तक रॉयल्टी की दर काफी उलझी हुई थी और अलग-अलग कंपनियों के लिए अलग-अलग थी। अब सरकार ने इसे न केवल कम किया है, बल्कि सबके लिए एक समान भी बना दिया है।

किसे और कितना होगा फायदा?

मोदी सरकार के इस फैसले से जमीन (Onshore) और समुद्र (Offshore) दोनों जगह पर काम करने वाली कंपनियों को इसके जरिए लाभ मिलेगा। जमीन पर उत्पादन करने वाली तेल कंपनी की रॉयल्टी की प्रभावी दर 16.66 फीसदी से घटकर अब 10 फीसदी रह गई है। वहीं, समुद्र में उत्पादन करने वाली कंपनी की रॉयल्टी 9.09 फीसदी से कम होकर 8 फीसदी कर दी गई है। इसके साथ ही प्राकृतिक गैस पर भी रॉयल्टी को 10 फीसदी से घटाकर 8 फीसदी कर दिया गया है। वैश्विक ब्रोकरेज फर्म CLSA की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस फैसले से ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन (ONGC) और ऑयल इंडिया को काफी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

तेल आयात में आएगी कमी

सरकार के इस कदम से ऑयल कंपनियों में ज्यादा निवेश की संभावना बढ़ गई है। साथ ही घरेलू उत्पादन के बढ़ने से देश में कच्च तेल और गैस का आयात कम होने की उम्मीद है। वर्तमान में मिडिल ईस्ट में युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। ऐसे में यह कदम भारत को ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनाकर तेल आयात में कमी लाने की दिशा में अहम है।