
सरकार 8 तिमाही से ब्याज दरें नहीं बढ़ा रही। फोटो: एआइ
केंद्र सरकार ने लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला लिया है। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी अप्रैल से जून 2026 के लिए वित्त मंत्रालय ने PPF, NSC, सुकन्या समृद्धि योजना और किसान विकास पत्र सहित सभी प्रमुख योजनाओं की दरें पहले की तरह ही रखने का फैसला किया है। देश भर में करोड़ों परिवार इन योजनाओं में अपनी गाढ़ी कमाई जमा करते हैं और इस फैसले का सीधा असर उनकी जेब पर पड़ता है।
यह लगातार आठवीं तिमाही है जब सरकार ने लघु बचत योजनाओं की दरों में कोई बदलाव नहीं किया। इससे पहले छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में आखिरी बदलाव वित्त वर्ष 2024 की चौथी तिमाही में हुआ था, जब कुछ चुनिंदा योजनाओं में हल्की बढ़ोतरी की गई थी। इसका मतलब यह है कि पिछले दो साल से अधिक समय से पोस्ट ऑफिस में पैसा जमा करने वालों को न कोई राहत मिली और न कोई झटका।
जो दर जनवरी-मार्च 2026 में थी, वही अप्रैल-जून 2026 में भी रहेगी। आम बचतकर्ता के नजरिए से देखें तो स्थिरता भले ही गांरटीकृत होती है, लेकिन जब बाजार में दूसरे निवेश विकल्प बेहतर रिटर्न दे रहे हों तो यह ठहराव चिंता का विषय भी बन जाता है।
यह सवाल हर बचतकर्ता के मन में उठता है कि सरकार इन योजनाओं की दरें क्यों नहीं बढ़ा रही? इसका जवाब सरकार की अपनी आर्थिक मजबूरी में छुपा है। दरअसल सरकार इन छोटी बचत योजनाओं के जरिए आम जनता से सीधे उधार लेती है और यह उसके लिए कर्ज जुटाने का एक बड़ा जरिया है। अगर ब्याज दर बढ़ाई जाए तो सरकार का उधार लेना महंगा हो जाएगा और राजकोषीय घाटा बढ़ेगा। दूसरी तरफ नीतिगत ब्याज दरें भी पिछली कई तिमाहियों से स्थिर हैं जिससे सरकार को दरें बदलने की कोई तत्काल जरूरत भी नहीं दिखती।
| योजना का नाम | ब्याज दर |
|---|---|
| सुकन्या समृद्धि योजना | 8.2% |
| राष्ट्रीय बचत सर्टिफिकेट (NSC) | 7.7% |
| किसान विकास पत्र (KVP) | 7.5% (115 महीने में मैच्योर) |
| मासिक आय योजना (MIS) | 7.4% |
| पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) | 7.1% |
| 3 साल का सावधि जमा (टर्म डिपॉजिट) | 7.1% |
| पोस्ट ऑफिस बचत खाता | 4% |
इन सभी योजनाओं में सुकन्या समृद्धि सबसे अधिक 8.2 प्रतिशत ब्याज दे रही है। इसके बाद NSC 7.7 प्रतिशत, KVP 7.5 प्रतिशत और PPF 7.1 प्रतिशत पर है। लेकिन केवल ब्याज दर से तस्वीर पूरी नहीं होती। PPF और सुकन्या समृद्धि योजना EEE यानी exempt-exempt-exempt श्रेणी में आती हैं। इसका मतलब है कि जमा की गई रकम, उस पर मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी पर मिलने वाली पूरी राशि- तीनों पर कोई टैक्स नहीं लगता। यही कारण है कि टैक्स के बाद शुद्ध रिटर्न के हिसाब से ये योजनाएं अभी भी कई बैंक FD और अन्य निवेश विकल्पों से आगे निकल जाती हैं।
इन योजनाओं की असली परीक्षा तब होती है जब ब्याज दर में से महंगाई की दर घटाई जाए। देश में खुदरा महंगाई 4 से 6 प्रतिशत के बीच बनी हुई है। ऐसे में PPF का 7.1 प्रतिशत ब्याज वास्तव में महज 1 से 3 प्रतिशत का असली फायदा देता है। इसके साथ ही इन योजनाओं में पैसा लंबे समय तक फंसा रहता है। जैसे PPF में 15 साल और सुकन्या समृद्धि में बेटी के 21 साल की उम्र तक। अगर इस बीच बाजार में ब्याज दरें बढ़ीं और बेहतर विकल्प आए तो आप उनका फायदा नहीं उठा पाएंगे।
Published on:
31 Mar 2026 05:52 pm
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