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सुप्रीम कोर्ट द्वारा साइरस मिस्त्री की पुनर्विचार याचिका खारिज पर रतन टाटा ने क्या कहा?

Tata-Mistry case: सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ऐसा कोई आधार नहीं है जिस पर फैसले की समीक्षा की जा सके। बोर्डरूम की सबसे कड़वी लड़ाई में से एक में सुप्रीम कोर्ट ने टाटा के पक्ष में फैसला सुनाया था।

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Mahima Pandey

May 19, 2022

 Supreme Court Rejects Cyrus Mistry's Petition,  Ratan Tata's React on it

Supreme Court Rejects Cyrus Mistry's Petition, Ratan Tata's React on it

सुप्रीम कोर्ट से गुरुवार को साइरस मिस्त्री को बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने TATA vs Cyrus Mistry विवाद में साइरस मिस्त्री द्वारा दायर पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि याचिका ऐसा कोई आधार या तथ्य नहीं दिखाई देता जिसको देखते हुए फैसले पर पुनर्विचार किया जाए। हालांकि, मिस्त्री के लिए राहत की बात ये है कि कोर्ट ने अपने फैसले में कुछ टिप्पणियों को हटाने पर अपनी सहमति दे दी है। वहीं, जाने-माने उद्योगपति और टाटा समूह के मानद चेयरमैन रतन टाटा ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है।

रतन टाटा ने कोर्ट के फैसले का किया स्वागत
Ratan Tata ने ट्वीट कर अपनी प्रतिक्रिया में कहा, "हम आज सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित और बरकरार रखे गए फैसले से काफी खुश हैं और इसपर अपना आभार व्यक्त करते हैं। ये हमारी न्यायपालिका की मूल्य प्रणाली और नैतिकता को और मजबूत करता है।"

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पुनर्विचार याचिका में कोई आधार नहीं- कोर्ट
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने मिस्त्री की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें साइरस मिस्त्री को टाटा संस के प्रमुख के पद से हटाने के 2021 के फैसले की समीक्षा करने और उसपर पुर्नविचार के लिए मांग की गई थी। इसपर कोर्ट के इसपर तीन जजों की बेंच ने स्पष्ट कहा कि उसे पुनर्विचार याचिका में कोई आधार नहीं दिखा जिसपर आगे बढ़ा जाए।हालांकि, जस्टिस वी रामासुब्रमण्यम ने पुनर्विचार याचिका खारिज करने के लिए कह दिया।

इससे पहले नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) के दिसंबर 2019 के आदेश को सुप्रीम कोर्ट ने पिछले वर्ष मार्च में रद्द कर दिया था। NCLAT ने अपने आदेश में टाटा संस की बोर्ड बैठक की कार्यवाही को अवैध बताते हुए टाटा संस लिमिटेड के अध्यक्ष के रूप में मिस्त्री को बहाल किया था।

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