एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि अभी तो 100 रुपए तक का टैक्स माफ किया गया है लेकिन आने वाले वक्त में इस वसूली पर लगने वाले खर्च और मिलने वाले टैक्स की तुलना के आधार पर इस सीमा को और बढ़ाया जा सकता है। सरकार ने टैक्स माफ करने का फैसला इसलिए लिया क्योंकि 18 लाख लोगों से 100 रुपए तक के बकाया आयकर को वसूलने में जितने पैसे खर्च होते,उतना तो इन 18 लाख मामलों से सरकार को टैक्स भी नहीं आता।