
वरिष्ठ नागरिकों को इनकम टैक्स में कई तरह की छूट मिलती है। (फोटो सोर्स : पत्रिका)
मोदी सरकार ने साफ कर दिया है कि 70 साल या उससे ज्यादा उम्र के सीनियर सिटीजन के लिए आयकर छूट की सीमा बढ़ाने पर कोई सोच-विचार चल रहा है। सरकार ने साफ तौर पर कहा कि इनकम टैक्स में छूट की सीमा बढ़ाकर 25 लाख रुपये नहीं की जाएगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में यह जानकारी दी।
डीएमके सांसद टीआर बालू ने बीते दिनों मॉनसून सत्र में सरकार से सवाल किया था कि क्या वरिष्ठ नागरिकों को अतिरिक्त टैक्स राहत देने का कोई इरादा है। जवाब में वित्त मंत्री ने कहा कि ऐसा कोई प्रस्ताव वर्तमान में विचाराधीन नहीं है।
सरकार ने यह भी साफ किया कि आयकर अधिनियम, 1961 के तहत सीनियर सिटीजन को पहले से ही कुछ राहतें दी गई हैं। लेकिन अब सरकार की घोषित नीति है कि टैक्स दरों को कम किया जाए और छूट-राहतों को खत्म किया जाए। इसी दिशा में 1 अप्रैल 2025 से नई टैक्स व्यवस्था लागू की गई है जिसमें कम स्लैब, कम दरें और ज्यादा रिबेट का प्रावधान किया गया है।
वित्त मंत्रालय के आंकड़ों से पता चलता है कि 70 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों से टैक्स वसूली बीते 5 साल में लगातार बढ़ी है। यानी बीते 5 साल में सरकार ने इस वर्ग से कुल 2,03,372 करोड़ रुपये से ज्यादा टैक्स वसूला है।
रिटायर कर्मचारियों के संगठनों की लंबे समय से मांग रही है कि उम्रदराज नागरिकों को स्वास्थ्य खर्च और सीमित आय को देखते हुए टैक्स छूट में पर्याप्त बढ़ोतरी की जाए। लेकिन सरकार का रुख बिल्कुल उल्टा है। नए टैक्स स्लैब को बढ़ावा देते हुए वह कर की कम दरों और बिना छूट मॉडल पर काम कर रही है।
Updated on:
01 Sept 2025 12:53 pm
Published on:
01 Sept 2025 12:53 pm
