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Crude Oil Prices Drop: ट्रंप के एक बयान ने ला दी क्रूड ऑयल की कीमतों में जबरदस्त गिरावट, 10% तक टूटे दाम

सोमवार को बाजार में तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद ट्रंप ने युद्ध के अल्पकालिक होने और तेल प्रतिबंध हटाने की बात कही।
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भारत

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Gajanand Prajapat

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Updated: 10 Mar 2026, 11:29 AM IST

Crude Oil Crisis

क्रूड ऑयल की कीमतों में इजाफा हुआ है। (PC: AI)

Crude Oil Prices Drop: मंगलवार सुबह तेल की कीमतों में 10 फीसदी की गिरावट देखी गई। बाजार में यह गिरावट अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के एक बयान के बाद आई। दरअसल सोमवार को ट्रंप ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि अमेरिका तेल से प्रतिबंध हटा देगा। इसके साथ ही जल्द ही युद्ध समाप्त होने के संकेत दिए है। ट्रंप के इस बयान ने बाजार की चिंताओं को कम किया और तेल की कीमतों में आई तेजी को कुछ कम करने का प्रयास किया।

बयान के बाद तेल के भाव

सुबह 8 बजकर 15 मिनट पर इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज पर अप्रैल ब्रेंट कान्ट्रेक्ट 89.36 डॉलर प्रति बैरेल का करोबार था, जो पिछले बंद बाजार भाव से लगभग 10 फीसदी कम था। इसके साथ ही न्यूयॉर्क मैक्स एक्सचेंज (NYMEX) पर वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड का भाव 85.79 डॉलर प्रति बैरल था।

सोमवार को ब्रेंट क्रूड की कीमतों में भारी उछाल देखा गया था, यह जुलाई 2022 के बाद से अपने सबसे उच्चतम स्तर 119 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था। इसके बाद ट्रंप के बयान ने क्रूड ऑयल के कीमतों में गिरावट लाने का काम किया।

ट्रंप ने दी चेतावनी

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि यदि वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करके तेल की आपूर्ति को बाधित करने का प्रयास करता है तो अमेरिका की ओर से अब तक का सबसे भीषम हमला किया जाएगा। इसके साथ ही कहा कि उन्हें ऐसा नहीं लगता कि संघर्ष इस सप्ताह समाप्त हो जाएगा। लेकिन हम तेल की कीमतों को कम करने की कोशिश कर रहे हैं।

भारत पर आयात प्रभाव

सोमवार को लोकसभा में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि भारतीय उपभोक्ताओं का हित करना भारत सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। भारत अपनी जरूरत का 90 फीसदी तेल आयात करता है। इसलिए कच्चे तेल की कीमतें भारतीय बाजार को सीधे प्रभावित करती हैं। अनुमानों के मुताबिक यदि 1 डॉलर प्रति बैरल की कीमत वर्ष भर बनी रहती है तो भी भारत का वार्षिक आायात बिल लगभग 16,000 करोड़ रुपये बढ़ जाता है।

उत्पादन में हो रही कटौती

युद्ध के बीच इराक ने रोजाना 13 लाख बैरल उत्पादन कम किया है। इराक का कहना है कि उसके पास स्टोरेज कैपेसिटी नहीं है। सोमवार को कीमतें 119 डॉलर प्रति बैरल जाने के बाद जी-7 देशों ने कहा कि तेल की कीमतों को कम करने के प्रयास किए जा सकते है लेकिन उन्होंने तेल रिजर्व को रिलीज करने से संबंधित कोई फैसला नहीं लिया।