
एक कॉल से बदल गई पॉलिसी (PC: AI)
Work From Home: एक बच्ची की सीधी-साधी बात ने कंपनी की पूरी वर्क पॉलिसी को बदल दिया। यह कहानी सिर्फ एक वायरल पोस्ट नहीं, बल्कि आज के ऑफिस कल्चर पर एक सवाल है। बॉस ने कर्मचारी के घर फोन किया। उठाया एक पांच साल की बच्ची ने और इसके बाद जो हुआ वह बोर्डरूम की मीटिंग में भी नहीं हो पाया था। करियर काउंसलर साइमन इंगारी ने यह किस्सा शेयर किया है, जो काफी चर्चा में है।
एक कर्मचारी की पत्नी बीमार थी। उसने कुछ दिन घर से काम करने की इजाजत मांगी। कंपनी ने साफ मना कर दिया। पॉलिसी ऐसी है कि ऑफिस आना जरूरी है। एक दिन कर्मचारी ऑफिस आने में थोड़ा लेट हुआ तो बोस ने घर फोन मिला दिया। पहली बार में कॉल किसी ने नहीं उठाया। फिर बॉस ने दोबारा कॉल किया। अब फोन उस कर्मचारी की बेटी ने उठाया और कहा कि पापा बाथरूम में है। बॉस ने कहा कि जब वे बाहर आएं तो बात करा देना। बॉस फोन रखने ही वाले थे कि सामने से आवाज आई- क्या मैं एक सवाल पूछ सकती हूं। मैं आपसे एक छोटा सा फेवर चाहती हूं। बॉस ने जवाब दिया कि ठीक है, मैं मदद करने की कोशिश करूंगा।
इस पर बच्ची ने सॉफ्टली कहा, 'क्या आप मेरे पिता को वर्क फ्रॉम होम करने की अनुमति दे सकते हैं, जिससे वे मुझे स्कूल ले जा सकें और मम्मी की देखभाल कर सकें? जब से वे बीमार हैं, मैं स्कूल नहीं गई हूं।' बेटी के ऐसा कहने पर कुछ देर के लिए शांति छा गई और बॉस कुछ नहीं बोले। उन्होंने कॉल काट दिया। बच्ची ने बस सीधे दिल की बात कही। बताया कि मम्मी बीमार हैं इसलिए वो स्कूल नहीं जा पाई। उसकी बस एक इच्छा थी कि पापा घर से काम करें, ताकि उसकी और मम्मी दोनों की देखभाल हो सके।
अचरज वाली बात यह है कि अगले दिन कंपनी ने अपनी वर्क-फ्रॉम-होम पॉलिसी सभी कर्मचारियों के लिए बदल दी। अब यह पोस्ट वायरल हो गई है। दफ्तर में जाने की मजबूरी और घर पर बीमार परिजन, दोनों के बीच पिसते कर्मचारी और ऊपर से एक ऐसा सिस्टम जो नियम-कायदे तो जानता है, पर जिंदगी की पेचीदगी नहीं समझता। आमतौर पर कर्मचारी को अपनी जरूरत साबित करनी पड़ती है, सही भाषा में, सही समय पर, सही तरीके से। उस बच्ची ने बस सच बोला और उसी सच ने पॉलिसी बदलवा दी।
Updated on:
21 Apr 2026 04:51 pm
Published on:
21 Apr 2026 04:51 pm
