
Stock Market में जबरदस्त गिरावट दर्ज हुई है। (PC: AI)
Why Share Market Fall Today on 8th July 2026: भारतीय शेयर बाजार में आज जबरदस्त बिकवाली आई, जिससे बाजार बड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ है। बीएसई सेंसेक्स आज बुधवार को 2.15 फीसदी या 1677 अंक गिरकर 76,503 पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 2.12 फीसदी या 516 अंक की गिरावट के साथ 23,882 पर बंद हुआ है। बाजार में आई इस गिरावट से निवेशकों को करीब 8 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। सबसे अधिक गिरावट ऑटो, एफएमसीजी, पीएसयू बैंक, प्राइवेट बैंक, ऑयल एंड गैस और फाइनेंशियल स्टॉक्स में दर्ज हुई।
मिडिल ईस्ट में हालात एक बार फिर बिगड़ते दिखाई दे रहे हैं। अमेरिका और ईरान के बीच ताजा हमलों के बाद वैश्विक निवेशकों का रुख सतर्क हो गया है। जब भी दुनिया में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ता है, निवेशक जोखिम वाले एसेट्स से दूरी बनाने लगते हैं। यही वजह है कि भारतीय शेयर बाजार समेत दुनिया के कई बाजारों में बिकवाली देखने को मिल रही है। बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कह दिया कि ईरान के साथ सीजफायर डील खत्म हो गई है।
डोनाल्ड ट्रंप के सीजफायर डील खत्म करने के बयान के बाद कच्चे तेल के दाम 6 फीसदी से अधिक उछल गए हैं। ब्रेंट क्रूड 6.14 फीसदी या 4.55 डॉलर की बढ़त के साथ 78.71 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं, WTI क्रूड 6 फीसदी या 4.23 फीसदी बढ़कर 74.67 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है। ऐसे में कच्चे तेल की कीमत बढ़ने का सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। महंगा तेल आयात बिल बढ़ाता है, महंगाई को हवा देता है और आर्थिक विकास की रफ्तार पर भी असर डाल सकता है।
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी.के. विजयकुमार का कहना है कि अमेरिका-ईरान तनाव के बाद ब्रेंट क्रूड करीब 76 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है। इससे बाजार में फिर अनिश्चितता लौट आई है। उनका कहना है कि विदेशी निवेश और मजबूत आर्थिक संकेतकों के दम पर बाजार संभल रहा था, लेकिन ताजा घटनाक्रम ने फिलहाल निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
सेबी रजिस्टर्ड फंडामेंटल इक्विटी एनालिस्ट अविनाश गोरक्षकर का मानना है कि मिडिल ईस्ट का तनाव सिर्फ तेल बाजार तक सीमित नहीं रहेगा। इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है। ऐसे में वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में कंपनियों के नतीजे उम्मीद से कमजोर रह सकते हैं। इसी आशंका को देखते हुए निवेशक पहले से ही मुनाफावसूली कर रहे हैं।
विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) पिछले कुछ समय से भारतीय बाजार में लगातार बिकवाली कर रहे हैं। डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी और वैश्विक जोखिम बढ़ने से विदेशी निवेशकों का रुझान भारतीय शेयरों से कम हुआ है। यही वजह है कि बाजार ऊंचे स्तर पर टिक नहीं पा रहा है।
बाजार में जोखिम बढ़ने का संकेत इंडिया VIX से भी मिल रहा है। बुधवार को इंडिया VIX में 5 फीसदी से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई। इसका मतलब है कि बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ने की आशंका है। इसी वजह से कई निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी।
Updated on:
08 Jul 2026 03:52 pm
Published on:
08 Jul 2026 03:37 pm
