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कार के इन 5 फीचर्स पर पैसा खर्चना है बेकार, इनके बिना भी चल सकता है काम

एम्बिएंट लाइट से केबिन ज्यादा कूल ज़रूर लगता है लेकिन इससे ड्राईवर का ध्यान भटक भी सकता है। इसका मतलब ये है कि
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कार के इन 5 फीचर्स पर पैसा खर्चना है बेकार, इनके बिना भी चल सकता है काम

नई दिल्ली: कार खरीदते वक्त हम हमेशा बहुत ही बारीकी से इसके फीचर्स के बारे में पड़ताल करते हैं। हर व्यकित चाहता है कि उसकी कार में ज्यादा से ज्यादा फीचर्स हो लेकिन क्या आपको पता है कार में कुछ ऐसे फीचर्स भी होते हैं जिनके लिए कार कंपनियां अच्छी खासी रकम वसूल करती है लेकिन इन फीचर्स का कार के फंक्शनिंग पर कुछ खास असर नहीं पड़ता है। तो चलिए आपको बताते हैं ऐसे ही कुछ फीचर्स ताकि अगली बार कार खरीदते समय आप इन फीचर्स को अवॉयड कर सकें।

पुश स्टार्ट फीचर्स-

आजकल लगभग सभी B-सेगमेंट हैचबैक्स कारों में कीलेस पुश बटन स्टार्ट फीचर आता है। कार निर्माता इसे ऐसे हाईलाइट करते हैं जैसे ये फीचर होना बिल्कुल ज़रूरी है, लेकिन ये फीचर कार की वैल्यू में कोई ख़ास इजाफा नहीं करता। इसीलिए इस फीचर का ना होना भी कोई बड़ा असर नहीं डालेगा।

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सनरूफ-

कई कार कस्टमर्स सनरूफ के लिए ज़्यादा पैसे खर्च करने को तैयार हैं ये हमारे देश जैसे गर्म मौसम वाली जगह के लिए बिल्कुल ही गैर-ज़रूरी फीचर है। पूरे साल इंडिया का मौसम काफी गर्म या ठंडा रहता है इसलिए आप अपने सनरूफ का लुत्फ़ मुश्किल से उठा पायेंगे। और तो और, शहरों में प्रदुषण एक नयी समस्या है और ऐसे में एसी चला कर खिड़कियाँ चढ़ाए रखना सबसे अच्छा कदम है।

एंबीएंट लाइट- एम्बिएंट लाइट से केबिन ज्यादा कूल ज़रूर लगता है लेकिन इससे ड्राईवर का ध्यान भटक भी सकता है। इसका मतलब ये है कि ये कार की वैल्यू बढ़ाने की जगह आपके लिए खतरनाक हो सकता है ।

वॉयस कमांड- सये फीचर काम का है लेकिन ज्यादातर सिस्टम इंडियन एक्सेंट को नहीं समझ पाते ऐसे में ये फीचर भी फिजूल खर्च से ज्यादा कुछ भी नहीं।

ऑटोमैटिक वाइपर्स- आजकल इनका बेहद प्रचार किया जा रहा है लेकिन असली बात तो ये है कि वाइपर्स को ऑन करने में कोई मेहनत नहीं करनी पड़ती इसलिए इन पर पैसा खर्च करना भी बेकार है।