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मंदी से जूझ रहे ऑटो सेक्टर को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से हैं ये उम्मीदें, कितनी होंगी पूरी

ऑटोमोबाइल ( automobile ) इंडस्ट्री मंदी के दौर से गुजर रही है या यों कहें कि ऑटो इंडस्ट्री की हालत खराब है तो अतिश्योक्ति नहीं होगी। इसीलिए ये सेक्टर बजट की ओर उम्मीदों से देख रहा है।
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नई दिल्ली

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Pragati Vajpai

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Updated: 3 Jul 2019, 2:46 PM IST

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नई दिल्ली : 5 जुलाई को मोदी सरकार ( Modi govt ) के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट ( budget 2019 ) पेश किया जाएगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ( Nirmala Sitharaman ) पहली बार लोक सभा में बजट पेश करेंगी। पूरा देश उनकी ओर उम्मीद भरी निगाहों से देख रहा है। खासतौर पर ऑटो सेक्टर। दरअसल ऑटोमोबाइल ( automobile ) इंडस्ट्री मंदी के दौर से गुजर रही है या यों कहें कि ऑटो इंडस्ट्री की हालत खराब है तो अतिश्योक्ति नहीं होगी। क्योंकि ऑटो सेक्टर की बिक्री इस साल 18 फीसदी तक कम हो चुकी है। गाड़ियों की बिक्री पर ब्रेक लग चुका है। ऐसे में ऑटो सेक्टर निर्मला सीतारमण से काफी उम्मीदें हैं, ताकि ऑटो सेक्टर को पटरी पर वापस लाया जा सके और ऑटो की रफ्तार को बढाया जा सके।

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यहां ध्यान देने वाली बात ये है कि अंतरिम बजट में भी सरकार ने ऑटो सेक्टर को कोई रियायत नहीं मिली थी यही वजह है कि इस बजट से ऑटो सेक्टर की उम्मीदें बहुत ज्यादा हैं।

GST कम करना-

ऑटो सेक्टर की सबसे बड़ी उम्मीद gst रेट में रियायत की है जो फिलहाल जीएसटी 28 फीसदी है, उसे घटाकर 18 फीसदी किया जा सकता है । जीएसटी कम होने से ऑटो सेक्टर में कैश फ्लो और पूरे स्ट्रक्चर में एक सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है। यहां ध्यान देने वाली बात ये है कि ऑटो सेक्टर के बड़े-बड़े दिग्गज भी GST कम करने की गुहार लगा चुके हैं। इसमें SIAM जैसे एसोसिएशन से लेकर आनंद महिन्द्रा और jlr के मैनेजिंग डायरेक्टर रोहित सूरी तक शामिल हैं।

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ऑटो सेक्टर की बजट से उम्मीदें-

इलेक्ट्रिक व्हीकल्स पर रहेगा फोकस-

इलेक्ट्रिक व्हीकल्स ऑटो सेक्टर का फ्यूचर है और ऑटो इंडस्ट्री फिलहाल उसी के लिए तैयारी कर रही है । हर कंपनी आजकल इलेक्ट्रिक कार और बाइक बना रही है। यही वजह है कि बजट से इस सेक्टर को काफी उम्मीदें हैं। ऑटो इंडस्ट्री इलेक्ट्रिक व्हीकल्स ( Electric vehicles ) पर जीएसटी ( GST ) 12 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी करने की मांग कर रही है। इसके अलावा लोगों की डिमांड है कि fame 2 के तहत दिये जाने वाले इंसेटिव को सिर्फ एक गाड़ी नहीं बल्कि ज्यादा वाहनों पर देना चाहिए।