22 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

40 साल बाद बंद होने जा रहा है Maruti 800सीसी इंजन, जानिए क्या है वजह

Maruti का 800cc इंजन तकरीबन चार दशकों से अलग-अलग मॉडलों में इस्तेमाल किया जा चुका है। साल 1983 में इसे पहली बार पेश किया गया और फिर कंपनी ने साल 2000 में इसे नए मानकों के अनुसार अपडेट किया था।

2 min read
Google source verification
maruti_alto_800-amp.jpg

Maruti Alto 800

देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी ने एक बड़े बदलाव के दौर से गुजरने वाली है। कंपनी की तकरीबन 4 दशक पुराने 800 सीसी के इंजन को डिस्कंटीन्यू यानी बंद किया जा सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार नए आगामी उत्सर्जन मानदंडों और कम डिमांड के चलते इस इंजन को बंद कर दिया जाएगा। कंपनी साल 1983 से इस इंजन का इस्तेमाल अपनी सबसे सस्ती और मशहूर कार Maruti 800 में करती रही उसके बाद ऑल्टो 800 में भी इसका प्रयोग किया जा रहा है।

ऑटोकार के एक रिपोर्ट के अनुसार, इस इंजन (F8D) को वित्त वर्ष (FY23) के बाद आगे वाहनों में इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। शुरुआत में जब कंपनी ने F8B इंजन को पेश किया था, उस वक्त ये इंजन 38 BHP की पावर और 59 Nm का टॉर्क जेनरेट करता है। साल 2000 में कंपनी ने इंजन को अपडेट करते हुए इसे ख़ास तौर पर ट्यून किया, जिससे इसकी परफॉर्मेंस और भी बेहतर हो गई और इसे F8D इंजन नाम दिया गया है। नए अपग्रेड के बाद ये इंजन 47 BHP की पावर और 69 Nm का टॉर्क जेनरेट करता है।

हाल ही में मारुति सुजुकी ने अपनी नई Alto के नेक्स्ट जेनरेशन मॉडल को लॉन्च किया था, जो कि केवल 1.0 लीटर की क्षमता के K सीरीज़ इंजन के साथ आता है। कंपनी ने इस कार को 800 वेरिएंट में पेश नहीं किया, और पुराने मॉडल की ही बिक्री की जा रही है। संभवत: ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि कंपनी ने भविष्य को ध्यान में रखा क्योंकि बहुत जल्द ही इस इंजन का सफर पूरा हो जाएगा और इसे नए उत्सर्जन मानकों के अनुसार बंद कर दिया जाएगा।

क्यों बंद होगा इंजन-

इस इंजन के बंद होने के दो बड़े कारण हैं, पहला ये कि आगामी आरडीई (रियल ड्राइविंग एमिशन) मानदंड है जो 2023 में लागू होने वाला है, जिसे पूरा करने के लिए पुराने इंजन को अपग्रेड करना होगा। पहले से मौजूद बीएस6 चरण और सीएएफई II उत्सर्जन मानदंडों के बाद, आरडीई सभी कार निर्माताओं के लिए अगली बड़ी चुनौती होगी, और एफ8डी के अलावा कई इंजनों को भी संभवत: भविष्य में डिस्कंटीन्यू कर दिया जाएगा, ख़ासतौर पर छोटे औेर कॉम्पैक्ट कारों में इस्तेमाल किए जाने वाली डीजल इंजनों को।


यह भी पढें: धड़ल्ले से बिकती है मगर सेफ़्टी में हुई फेल! इस SUV को क्रैश टेस्ट में मिला महज एक स्टार

इसके अलावा दूसरा बड़ा ये है कि अब छोटे और तकरीबन 800सीसी की क्षमता वाले कारों की डिमांड काफी कम हो गई है। बाजार में एंट्री लेवल कारों में भी ज्यादातर 1.0 लीटर और 1.2 लीटर की क्षमता वाले इंजन वेरिएंट्स की बिक्री हो रही है। जैसे कि मारुति वैगनआर, स्विफ्ट, डिजायर इत्यादि। इस इंजन के बंद होने के साथ ही देश की सबसे सस्ती कार मारुति 800 भी बाजार से हट जाएगी। हालांकि अभी इसके बारे में आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी साझा नहीं की गई है।