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रॉल्स रॉयस और फोर्स मोटर ने शुरु किया जॉइंट वेंचर, ऐसे तैयार करेंगे नई टेक्नोलॉजी

दुनिया की जानी-मानी कंपनी रॉल्स रॉयस और फोर्स मोटर्स ने पार्टनरशिप की है, अब ये दोनों कंपनियां मिलकर नए इंजन तैयार करेंगी।

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दुनिया की जानी-मानी लग्जरी कार निर्माता कंपनी रॉल्स रॉयस और फोर्स मोटर्स ने पार्टनरशिप की है। दोनों कंपनी इस पार्टनरशिप के तहत एक साथ मिलकर जॉइंट वेंचर बनाएंगी। इस जॉइंट वेंचर में एमटीयू कैटेगरी इंजनों के उत्पादन किया जाएगा।

300 करोड़ का निवेश होगा
इस जॉइंट वेंचर में जर्मनी की एमटीयू फ्रेडरिचशाफेन (रॉल्स रॉयस पावर सिस्टम की इकाई) और फोर्स मोटर्स मिलकर काम करेंगी। एमटीयू फ्रेडरिचशाफेन पहली बार इंजन बनाने के बिजनेस में आ रही है। इस जॉइंट वेंचर में एमटीयू के पास 49 फीसदी मालिकाना हक होगा और फोर्स मोटर्स के पास 51 फीसदी मालिकाना हक होगा। इसके लिए शुरुआत में ये दोनों कंपनियां मिलकर 300 करोड़ रुपये का निवेश करेंगी।

पूरी दुनिया में होगी बिक्री
फोर्स मोटर्स के मैनेजिंग डायरेक्टर प्रसन फिरोदिया ने जॉइंट वेंचर का ऐलान करते हुए कहा कि ये नया प्लांट महाराष्ट्र के पुणे में स्थित प्लांट के पास ही शुरू किया जाएगा। 2019 तक नए प्लांट में उत्पादन प्रक्रिया शुरू हो सकती है। इस प्लांट में इंजन के साथ-साथ 1600 सीरिज के जनरेटर्स भी तैयार किए जाएंगे। फिलहाल इन इंजनों को जर्मनी में रॉल्स रॉयस पावर सिस्टम के प्लांट में तैयार किया जाता है। इसके जरिए फोर्स एमटीयू इंजन की सर्विस और बिक्री भारत, नेपाल और श्रीलंका में की जाएगी और रॉल्स-रॉयस पावर सिस्टम की सर्विस और बिक्री पूरी दुनिया में की जाएगी।

नई टेक्नोलॉजी से होगा फायदा
इस जॉइंट वेंचर के जरिए ये दोनों विश्व प्रसिद्ध कंपनियां मिलकर अपनी टेक्नोलॉजी और अनुभव के जरिए लोगों को अधिक से अधिक फायदा देंगी। फोर्स मोटर्स अपनी जगह काफी बड़ी और मशहूर कंपनी है वहीं रॉल्स रॉयस को तो पूरी दुनिया में उसकी लग्जरी कारों की वजह से जाना जाता है। अब ये देखना होगा कि ये दोनों कंपनियां साथ मिलकर किस तरह से नई टेक्नोलॉजी को जन्म देंगी और इंजन में किस तरह के नए बदलाव करेंगी। रॉल्स रॉयस की शुरुआत 1906 में हुई थी, जिसे 1998 से बीएमडब्ल्यू ग्रुप द्वारा संचालित किया जा रहा है। वहीं फोर्स मोटर्स एक भारतीय वाहन निर्माता कंपनी है, जिसकी शुरुआत 1958 में हुई थी।