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सेकंड हैंड कार खरीदने से पहले पढ़ लें ये खबर, नहीं खाएंगे धोखा

आज के समय में बहुत सी बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनियां भी सेकंड हैंड कारों के कारोबार में लग चुकी हैं और ये कंपनियां सर्टिफाइड कारें बेचती हैं।

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 second hand car

सेकंड हैंड कार खरीदने से पहले पढ़ लें ये खबर, नहीं खाएंगे धोखा

हर कोई चाहता है कि उसके पास अपनी एक कार हो जिसमें वो अपने परिवार और दोस्तों के साथ घूमने जाए। कुछ लोग अपना ये सपना नई कार खरीदकर पूरा करते हैं तो कुछ लोग सेकंड हैंड कार खरीद कर अपना सपना पूरा करते हैं। अगर आप भी कोई सेकंड हैंड कार खरीदना चाहते हैं तो आपके लिए ये खबर बहुत ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकती है। आज के समय में बहुत सी बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनियां भी सेकंड हैंड कारों के कारोबार में लग चुकी हैं और ये कंपनियां सर्टिफाइड कारें बेचती हैं और ऐसी जगहों से कार खरीदने में कई बार वारंटी से लेकर बहुत से अन्य फायदे मिलते हैं। वहीं देश के हर शहर में ब्रोकर भी मिल जाएंगे जो कि सेकंड हैंड कार बेचने का कारोबार करते हैं, लेकिन इनसे कार खरीदते वक्त ज्यादा सावधान रहने की जरूरत होती है।

ओडोमीटर
कार में किमी की जानकारी देने वाले ओडोमीटर में कई लोग छेड़छाड़ कर देते हैं, जिसमें ज्यादा चली हुई कार को भी कम चली हुई दिखा देते हैं। इस तरह से कार द्वारा कुल तय की गई दूरी को कम किया जाता है और उससे कीमत पर सीधा-सीधा असर होता है, क्योंकि कम चली हुई कार की कीमत अधित होती है।

कार का एक्सटीरियर
कई बार क्या होता है कि एक्सीडेंट हुई कार पर निशान या डेंट आ जाते हैं जिन्हें देखना बहुत ज्यादा जरूरी है, क्योंकि ये आसानी से पूरी तरह दिखते नहीं हैं। इसलिए सेकंड हैंड कार खरीदते वक्त कार को बाहर से पूरी तरह चेक कर लीजिए।

कार के टायर
कार जितनी ज्यादा चली होगी तो टायर उतना ज्यादा ही घिस जाएंगे तो इसलिए कार के टायरों पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है। कई बार लोग टायर घिस जाने पर उनके ऊपर रबड़ चढ़वा लेते हैं जो कि घिसे हुए टायर को ढक देती है।

कार का इंटीरियर
कार का इंटीरियर पूरी तरह देख लेना चाहिए, क्योंकि इसमें कई फीचर्स ऐसे होते हैं जो समय के साथ खराब हो जाते हैं। इसलिए सेंकड हैंड कार खरीदते वक्त कार की बैटरी, बेल्ट और होज देख लीजिए और ये भी देख लीजिए कि कहीं से लीकेज तो नहीं है।

टेस्ट ड्राइव और मैकेनिक से सलाह
जब भी सेकंड हैंड कार खरीदने जाएं तो अपने साथ किसी मैकेनिक या जानकार व्यक्ति को जरूर लेकर जाएं, क्योंकि इंजन के बारे में जानकारी सभी को नहीं होती है। कार को खरीदने से पहले उसके एक बार चलाकर जरूर देखिए ताकि आपको ये पता चल जाएगा कि ये कार आपके चलाने लायक है भी या नहीं।