
नई दिल्ली : उत्तर प्रदेश सरकार एक्सीडेंट्स पर लगाम लगाने के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाने वाली है। दरअसल सरकार ने अपने राज्य की सभी बसों को आर्टीफीशियल इंटेलीजेंस से लैस करने का फैसला किया है। सरकार का मानना है कि इस नई तकनीक के इस्तेमाल के बाद बस हादसों में कमी आएगी।
सफल रहा है पायलट प्रोजक्ट-
उत्तर प्रदेश स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन के अधिकारियों का कहना है कि पिछले छह महीनों से निगम की छह बसों में यह पायलेट प्रोजेक्ट चल रहा है, और बड़ी बात ये है कि इन बसों के साथ अभी तक कोई हादसा नहीं हुआ है। आपको बता दें कि आर्टीफीशियल इंटेलिजेंस सिस्टम ड्राइवरों को नींद आने से पहले ही अलर्ट कर देता है । सिस्टम को बसों के फ्रंट बंपर में लगाया जाएगा, ताकि बसों की संभावित भिड़ंत को टाला जा सके।
उत्तर प्रदेश स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (UPSRTC) अपनी 12,500 सरकारी बसों में आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस का सिस्टम इंस्टॉल करने जा रही है।
मुंबई की स्टार्टअप कंपनी सिक्स्थ सेंसर टेक्नोलॉजी ने बसों के लिए यह सिस्टम बनाया है। कंपनी का कहना है कि ये सेंसर्स 180 फीट तक की रेंज पर निगाह रखेगा और एक्सीडेंट की हालत में बस ड्राइवर को बीप के साथ चेतावनी देगा। वहीं दूसरा सेंसर हेडलाइट के हैंडल के पास लगाया गया है और ड्राइवर के ऊंघने की स्थिति में यह चेतावनी जारी करेगा। इस सिस्टम को एक्टिव करने के लिए ड्राइवर को सेंसर के पास अपना हाथ दिखाते रहना होगा। ऐसा नहीं करने पर सेंसर एक्सेलरेटर को कट-ऑफ कर देगा।
Updated on:
03 Aug 2019 06:32 pm
Published on:
03 Aug 2019 05:05 pm
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