आजकल यूज़्ड गाड़ियों यानि की सेकंड हैंड गाड़ियों का मार्केट काफी बढ़ गया है। लोग नई के साथ ही पुरानी कार भी खरीदना और बेचना पसंद करते हैं। पर यूज़्ड गाड़ियों को खरीदने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना ज़रूरी है।
ज़्यादातर हर व्यक्ति का सपना होता है अपनी खुद की कार खरीदना। पर कुछ लोग नई कार खरीदने से पहले पुरानी और इस्तेमाल की हुई कार खरीदना पसंद करते हैं। पुरानी कार को यूज़्ड कार (Used Car) या सेकंड हैंड कार (Second Hand Car) भी कहते हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह है यूज़्ड कार का नई कार से काफी सस्ता होना। लोग यूज़्ड कार पर प्रैक्टिस करने के बाद नई कार खरीदना पसंद करते हैं। कुछ लोग तो ऐसे भी होते हैं जिन्हें सिर्फ सेकंड हैंड कार खरीदना ही पसंद होता है। ऐसे में देश में पुरानी कार खरीदने/बेचने का मार्केट काफी बढ़ गया है। पर सेकंड हैंड कार खरीदने से पहले कुछ ज़रूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए।
सेकंड हैंड कार खरीदने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
सेकंड हैंड कार खरीदने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना ज़रूरी है। आइए नज़र डालते हैं उन बातों पर।
1. बजट का रखें ध्यान
सेकंड हैंड कार खरीदने से पहले बजट का ध्यान रखना चाहिए। कभी भी ओवरबजट नहीं जाना चाहिए।
2. टेस्ट ड्राइव
सेकंड हैंड कार खरीदने से पहले हमेशा उसकी टेस्ट ड्राइव लेकर उसे चेक कर लेना चाहिए।
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3. मैकेनिक से करवाएं चेक
सामान्य तौर पर लोग जब सेकंड हैंड कार खरीदते हैं, तो सिर्फ टेस्ट ड्राइव लेकर ही इसकी कंडीशन का फैसला ले लेते हैं। पर यह सही नहीं है। टेस्ट ड्राइव लेने से कार की सही कंडीशन नहीं पता चलती। सेकंड हैंड कार खरीदने से पहले हमेशा एक मैकेनिक से इसे चेक करवा लेना चाहिए। मैकेनिक उस सेकंड हैंड कार की वास्तविक कंडीशन के बारे में सही जानकारी दे सकता है। इससे सही सेकंड हैंड कार चुनने में आपको मदद मिलेगी और आपके रुपये भी बर्बाद नहीं होंगे।
4. कार की हिस्ट्री कर लें चेक
सेकंड हैंड कार खरीदने से पहले उसकी हिस्ट्री ज़रूर चेक कर लेनी चाहिए। कई बार वो सेकंड हैंड कार किसी आपराधिक गतिविधि का हिस्सा हो सकती है। ऐसे में उसे खरीदने के बाद आपकी मुश्किल बढ़ सकती है। इसके साथ ही सेकंड हैंड कार में पहले आई दिक्कतें और एक्सीडेंट (अगर हुआ है) की हिस्ट्री भी चेक कर लेनी चाहिए।
5. डॉक्यूमेंट वैरिफिकेशन
सेकंड हैंड कार खरीदते समय डॉक्यूमेंट वैरिफिकेशन भी करना ज़रूरी है।
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