
नई दिल्ली: कंपनियां अक्सर अपनी कार या कोई भी प्रोडक्ट बेचने पर उसके साथ वारंटी देने की बात करती हैं। इसके अलावा कई बार कंपनियां स्टैंडर्ड टाइम से ज्यादा वारंटी देने की बात कहती हैं और इसके लिए कस्टमर्स से एक्स्ट्रा पैसे भी लिये जाते हैं । दरअसल वारंटी का सीधा मतलब सेलर की ओर से दिया गया एक लीगल डॉक्यूमेंट होता है जो कंपनी की ओर से ग्राहक को किया एक वादा होता है जिसमें अगर आपके वाहन ठीक से काम नहीं कर रहा है तो आप उसे रिपेयर करा सकते हैं या फिर बदलवा भी सकते हैं। वो भी बिना किसी एकस्ट्रा चार्ज के।
Extended Warranty
वारंटी तो ठीक है इसके फायदे भी हम आपको बता चुके हैं लेकिन एक्सटेंडेड वारंटी काम की है भी या नहीं ये एक बड़ा सवाल है क्योंकि इसमें न तो आपका इंजन कवर होता है न ही कोई प्रमुख पार्ट। यह वारंटी मात्र आपके अचानक से खराब हुए पार्ट कवर करती है। जिसमें जरूरी है कि आप देख लें कि आपका क्या क्या पार्ट कवर हो रहा है।
इसीलिए अगर आपकी कंपनी आपको एक्सटेंडेड वारंटी के बारे में बताए तो ध्यान से सुने बल्कि बेहतर होगा कि आप पूछे क्योंकि कार को खरीदते एक्साइटमेंट की वजह से बहुत सी चीजें ऐसी होती है जिन पर हमारा ध्यान उस समय तो नहीं जाता लेकिन जैसे-जैसे आपकी कार पुरानी होती जाती है आपको याद आता है शायद यह भी रह गया वो भी रह गया। तो इसलिए बेहतर है कि एक्सटेंडेड वारंटी में पैसे लगाने से पहले सारी जानकारी पक्की कर लें।
Updated on:
26 Sep 2019, 3:44 PM IST
Published on:
26 Sep 2019, 3:43 PM IST
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