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Haryana consumer court: हरियाणा के एक रिजॉर्ट में पार्टी के दौरान कोल्ड ड्रिंक के 15 रुपए ज्यादा लेने का विवाद जब कंज्यूमर कोर्ट पहुंचा तो जिला कंज्यूमर कमीशन ने आदेश दिया है कि रिजॉर्ट 75 रुपए वापस करे और मुआवजे के तौर पर 10,000 रुपए भी दे। रिजॉर्ट ने एक पार्टी के दौरान ग्राहक से कोल्ड ड्रिंक के लिए प्रिंटेड कीमत से ज्यादा पैसे लिए थे और जब इस बात को ग्राहक ने गलत बताया तो रिजॉर्ट वाले ग्राहकों के साथ बुरा बर्ताव करने लगे। दरअसल, ये मामला 14 सितंबर 2025 का है जब एक गेट-टुगेदर के लिए झज्जर के लाली रिजॉर्ट गए थे। वहां शिकायतकर्ताओं ने 500 ml की 5 कोल्ड ड्रिंक की बोतलें ऑर्डर कीं, जिनकी कीमत 35 रुपए छपी हुई थी, लेकिन फिर भी रिजॉर्ट ने इनका 50 रुपए का बिल बना दिया यानी की हर एक बोतल पर 15 रुपए ज्यादा वसूल लिए।
रिजॉर्ट में खाने पीने और दूसरी सभी चीजों का कुल बिल 1,290 रुपए बनाया गया। जब शिकायतकर्ता ने बिल चुकाते समय इस बात पर ध्यान दिया कि रिजॉर्ट वाले छपी कीमत से ज्यादा पैसे ले रहे हैं और उन्होंने ज्यादा पैसे लेने का कारण पुछा तो स्टाफ ने इस मुद्दे पर बात करने से मना कर दिया। बात करने से इनकार करने के साथ ही ग्राहक और दोस्तों को बुरा-भला सुनाने लगे। आखिर में परेशान होकर, शिकायतकर्ता ने 19 सितंबर, 2025 को रिजॉर्ट को एक लीगल नोटिस भेजा और कोल्ड ड्रिंक्स पर लिए गए ज्यादा पैसे वापस करने की मांग की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
जानकारी के मुताबिक, दिसंबर 2025 में झज्जर जिला कंज्यूमर डिस्प्यूट्स रिड्रेसल कमीशन पहुंचकर 1,290 की वापसी, मानसिक परेशानी और उत्पीड़न के लिए 20,000 का मुआवजा और कानूनी खर्च के लिए 21,000 की मांग की। तो प्रेसिडेंट डॉ. शहाबुद्दीन और सदस्य श्रीनिवास खुंडिया और वीणा रानी की बेंच ने देखा कि नोटिस मिलने के बावजूद रिजॉर्ट कमीशन के सामने पेश नहीं हुआ जिसके चलते मामले का फैसला एकतरफा सुनाया गया।
कंज्यूमर कोर्ट ने जब शिकायत करने वाले बंदे के बिल चेक किए, तो पाया कि रिजॉर्ट ने सचमुच 35 प्रिंट रेट वाली बोतल के 50 वसूले थे और बार-बार मांगने पर भी पैसे वापस नहीं किए। कोर्ट ने इसे सर्विस में बड़ी लापरवाही माना और रिजॉर्ट को दोषी ठहराते हुए आदेश दिया कि वह ग्राहक से ज्यादा लिए गए 75 रुपए तो लौटाए ही, साथ ही केस दर्ज होने की तारीख से पैसा चुकाने तक का हर साल का 9% ब्याज भी दे। इसके अलावा, ग्राहक को हुई मानसिक टेंशन और कानूनी खर्चे के बदले 10,000 का मुआवजा देने को कहा गया है, और चेतावनी दी है कि अगर 40 दिनों के अंदर भुगतान नहीं हुआ, तो पूरी रकम पर सीधा 12% सालाना की दर से भारी ब्याज लगेगा।
Updated on:
23 Jun 2026 12:12 pm
Published on:
23 Jun 2026 12:11 pm
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