3 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सात महीने के बाद कोयम्बेडु मार्केट में खुदरा व अर्धथोक दुकाने फिर से खुली

कोरोना महामारी के प्रसार को रोकने के लिए पिछले सात महीनों से बंद चल रहे कोयम्बेडु मार्केट के खुदरा और अर्धथोक दुकानों को फिर से खोल दिया गया है।

2 min read
Google source verification
सात महीने के बाद कोयम्बेडु मार्केट में खुदरा व अर्धथोक दुकाने फिर से खुली

सात महीने के बाद कोयम्बेडु मार्केट में खुदरा व अर्धथोक दुकाने फिर से खुली


चेन्नई. कोरोना महामारी के प्रसार को रोकने के लिए पिछले सात महीनों से बंद चल रहे कोयम्बेडु मार्केट के खुदरा और अर्धथोक दुकानों को फिर से खोल दिया गया है। छोटी और सेमी होलसेल वेजिटेवल शॉप ओनर्स एसोसिएशन के प्रमुख एसएस मुत्तुकुमार ने बताया कि 1860 दुकानों में से 800 दुकानों को खुलने की अनुमति दी गई है। इसमें से 500 दुकानों का संचालन शुरू हो गया लेकिन 300 दुकाने अभी भी बंद है, क्योंकि मजदूर लोग दीपावली मनाने के लिए अपने अपने गांव गए हैं और उनके आने के बाद भी दुकाने खुलेंगी।

अधिकारियों ने ए ब्लॉक से जी ब्लॉक तक 30 नवंबर के बाद से सेमी होलसेल और रीटेल दुकानों को खुलने की अनुमति दी है, जबकि एच और एन ब्लॉक की दुकानों को भी खोलने का वादा किया है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में सब्जियों के दामों में गिरावट आएगी। मुत्तुकुमार ने कहा कि एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री एडपाडी के. पलनीस्वामी को एक पत्र लिख विक्रेताओं को बिना ब्याज के कम से कम तीन लाख का लोन देने का आग्रह किया गया, जो कि स्थिति सामान्य होने के बाद वापस कर दिया जाएगा। पिछले सात महीनों से किसी प्रकार का व्यापार नहीं था जिसके कारण सभी व्यापारी वित्तीय संकट में आ गए हैं।

संकट के दौरान सरकार अन्य वर्गो के लोगों की मदद कर रही है तो व्यापारियों की भी मदद करनी चाहिए। भास्कर नामक एक सेमी होलसेल व्यापारी ने बताया कि सरकार ने खुदरा और अर्धथोक विक्रेताओं को दुकान खोलने की अनुमति देकर अच्छ किया है। पहले जैसी स्थिति आने में अभी थोड़ा समय लगेगा। एक दूसरे व्यापारी ने कहा कि ऐसी जानकारी मिली है कि मार्केट के अधिकारी सामाजिक दूरी सुनश्चित कराने के मामले में काफी सख्त हैं। ग्राहकों को दुकान के सामने स्थित बाउंडरी से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। मजदूरों ने कहा कि सात महीने तक बिना किसी गतिविधि के आजीविका चलाना कठिन था।

हम लोग आशा कर रहे थे कि सरकार द्वारा मार्केट को जल्द खोला जाएगा, लेकिन सरकार का निर्णय सात महीने बाद आया। हम लोगों को काफी परेशानियों से गुजरना पड़ा, लेकिन अब सरकार के निर्णय ने खुश कर दिया। लोगों को दुकान खुलने की जानकारी नहीं होने की वजह से बाजार बहुत सुस्त है। इसको पहले जैसी स्थिति में लाने के लिए अभी एक दो दिन का समय लगेगा।