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असम राइफल्स के जवानों ने देखा तटरक्षक बल के जवानों का शौर्य

भारत की सबसे पुरानी पैरामिलिट्री फोर्स असम राइफल्स को मंगलवार को भारतीय तट रक्षक बल की शक्ति देखने का मौका मिला। असम राइफल्स...

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Assam Rifles troop saw bravery of Coast Guard personnel

Assam Rifles troop saw bravery of Coast Guard personnel

चेन्नई।भारत की सबसे पुरानी पैरामिलिट्री फोर्स असम राइफल्स को मंगलवार को भारतीय तट रक्षक बल की शक्ति देखने का मौका मिला। असम राइफल्स के ३० से ज्यादा जवानों की टीम इस अनुभव को लेने के लिए चेन्नई आई हुई थी। यह उनके दूसरे चरण के एफिलिएशन का हिस्सा है।

गौरतलब है कि इस साल २२ मई को दोनों संगठनों के महानिदेशक राजेंद्र सिंह (कोस्ट गार्ड) और लेफ्टिनेंट जनरल सुखदीप संगवान (असम राइफल्स) ने इस चार्टर एफिलिएशन पर हस्ताक्षर किए थे। उसके बाद पहले चरण का एफिलिएशन शुरू हुआ।

इस मौके पर चेन्नई हार्बर पर भारतीय तट रक्षक जहाज शौर्य पर कोस्टगार्ड के अतिरिक्त महानिदेशक वीएसआर मूर्ति ने कहा कि देश की सुरक्षा को और सुदृढ़ करने के लिए और समन्वय में तेजी लाने के लिए यह किया जा रहा है।

इस प्रक्रिया से दोनों संगठनों को समझने में आसानी रहेगी। जो हमें किसी भी प्रकार की समस्या से निपटने में मदद करेगा। असम राइफल्स और इंडियन कोस्ट गार्ड के बीच यह स्थाई एफिलिएशन है। इस एफिलिएशन से सूचना व व्यक्ति आदान-प्रदान करने में मदद मिलेगी, सौहार्द बढ़ेगा, प्रशिक्षण के लिए एक-दूसरे की संपत्तियों को व्यवहार में लाया जाएगा। इस प्रयास से दोनों संगठन द्वारा किसी भी विकट परेशानी से बड़ी आसानी से निपट लिया जाएगा। असम राइफल्स की कॉम्बेट बटालियन को जल्द ही आईसीजीएस शौर्य पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।

यही नहीं विदेशी प्रक्रियाओं में असम राइफल्स के लिए भी जहाज मे जगह बनाई जाएगी। जब उनसे पूछा गया कि क्या एसी सुविधा या समझौता सीआरपीएफ, बीएसएफ और आईटीबीपी के जवानों के लिए भी रहेगी तो उन्होंने कहा कि अभी तक एसी कोई व्यवस्था नहीं है लेकिन भविष्य में जरूरत पडऩे पर इसपर विचार किया जा सकता है। इस मौके पर चेन्नई सिटी रीजन के पोस्टमास्टर जनरल आर. आनंद, इंसपेक्टर जनरल एस. प्रमेश समेत कई अन्य लोग भी मौजूद थे।