
कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं में धक्का मुक्की
कोयम्बत्तूर.सेलम में कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं में पूर्व मु ख्यमंत्री कामराज की प्रतिमा पर माल्यार्पण को लेकर कहासुनी व धक्का मुक्की हो गई। एक बारगी तनाव जैसे हालात नजर आने लगे पर पुलिस ने तत्काल दोनों पक्षों को अलग कर शांत किया।रविवार को कांग्रेस नेता व प्रदेश के पूर्व मु यमंत्री कामराज की जयंती थी। केन्द्रीय मंत्री पोन राधाकृष्णन भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ कामराज प्रतिमा स्थल पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिएपहुंचे। उसी समय कांग्रेस कार्यकर्ता भी वहां पहुंच गए।पहले तो केन्द्रीय मंत्री व भाजपा कार्यकर्ताओं को प्रतिमा स्थल पर देख कर कांग्रेस नेता और कार्यकर्ताचौंके।लेकिन जब केन्द्रीय मंत्री कार्यकर्ताओं के साथ कामराज की प्रतिमा पर माल्यार्पण के लिए आगे बढ़े तो उन्हें माजरा समझ में आ गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उन्हें रोकते हुए कहा कि पहले वे श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। साथ ही जानना चाहा कि भाजपा कब से कामराज को अपना नेता मानने लगी। इस पर दोनों ओर से कहासुनी व धक्का मुक्की शुरु हो गई।चौकस पुलिस ने मारपीट शुरु होने से पहले ही दोनों पक्षों को अलग कर स्थिति नियंत्रण में की।
हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी कामराज के पद चिन्हों पर चलते हुए देश को भ्रष्टाचार से मुक्त करने में जुटे हैं
बाद में पत्रकारों से बातचीत में केन्द्रीय मंत्री पोन राधाकृष्णन ने कहा कि कामराज ने तमिलनाडु में भ्रष्टाचार मुक्त शासन दिया। उनके समय में प्रदेश का तेजी से विकास हुआ था। हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी कामराज के पद चिन्हों पर चलते हुए देश को भ्रष्टाचार से मुक्त करने में जुटे हैं। केन्द्र सरकार के विश्वविद्यालय अनुदान आयोग को खत्म करने के प्रस्ताव के बारे में पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि इस बारे में अभी शिक्षाविदों सहित जनता से राय ली जा रही है। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि हर राज्य में शिक्षा व्यवस्था अलग-अलग है। इसमें एकरुपता तो होनी ही चाहिए। केन्द्र सरकार इस दिशा में काम कर रही है।मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नीट)भी इसीलिए शुरु की गई। नीट के बारे में हाल ही में हाई कोर्ट के फैसले के बारे में पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि आदेश की पालना की जाएगी। सेलम-चेन्नई राजमार्ग के विस्तार पर विवाद के सवाल पर केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि कुछ संगठन तमिलनाडु का विकास नहीं चाहते और वे जनता को भ्रमित करते रहते हैं। उन्होंने कहा कि सेलम-चेन्नई राजमार्ग के विस्तार के लिए ज्यादातर सरकारी जमीन का उपयोग किया गया है। जहां किसानों की जमीन अधिग्रहित की गईवहां अच्छा खासा मुआवजा दिया है। इसके बाद भी कुछ राजनीतिक दलों व संगठनों ने किसानों को भड़काने का काम किया। जबकि इस राजमार्ग से सेलम सहित आसपास के कई जिलों को फायदा होगा। उद्योग -धंधे बढ़ेेंगे, लोगों को रोजगार मिलेगा।
Published on:
16 Jul 2018 12:36 pm
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