
कोयम्बत्तूर. इलाज में लापरवाही बरतने के आरोप में एक निजी अस्पताल के तीन चिकित्सकों के खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। तीनों चिकित्सकों पर आरोप है कि चार साल के एक बच्चे के ऑपरेशन के दौरान उन्होंने उसके पेट में रुई व पट्टी छोड़ दी थी।
सर्जरी के लिए मोटी फीस लेने के बाद भी उनके चार साल के बच्चे की जान पर बन आई
पलनी निवासी विनोद कुमार ने इस सम्बन्ध में कोयम्बत्तूर के रामनगर स्थित निजी अस्पताल के चिकित्सकों पर गंभीर आरोप लगाए है। विनोद का कहना है सर्जरी के लिए मोटी फीस लेने के बाद भी उनके चार साल के बच्चे विष्णु की जान पर बन आई थी। पुलिस में दर्ज कराई रिपोर्ट के अनुसार विष्णु किडनी के रोग से पीडि़त था। उसे छह माह पहले रामनगर के अस्पताल में दिखाया गया। जहां चिकित्सकों ने बच्चे के ऑपरेशन की सलाह दी। उनकी सलाह मानते हुए बच्चे का ऑपरेशन कराया। डॉ धर्मेन्द्र , डॉ.विनोद व डॉ.कन्नादसन की टीम ने ऑपरेशन को अंजाम दिया। लेकिन बच्चे को किडऩी रोग में राहत मिलना तो दूर उसने पेट में दर्द की शिकायत की।
रुई व पट्टी छोड दिए जाने से पेट में दर्द हो रहा है
इस पर बच्चे को तिरुचि के एक अस्पताल में दिखाया गया। जहां जांच के बाद पता लगा कि बच्चे के ऑपरेशन के दौरान उसके पेट में रुई व पट्टी छोड दिए जाने से पेट में दर्द हो रहा है। तिरुचि के अस्पताल में बच्चे का दुबारा ऑपरेशन कराया और रुई व पट्टी बाहर निकलवाई। विनोद का कहना है कि यह डॉक्टरों की गंभीर लापरवाही है। इससे बच्चे की जान भी जा सकती थी। बेवजह ही बच्चे का दुबारा ऑपरेशन कराना पड़ा। काफी पैसा खर्च हुआ । बच्चे को भीषण कष्ट व परिजनों को मानसिक प्रताडऩा झेलनी पड़ी।पुलिस ने तीनों चिकित्सकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
Published on:
19 Jan 2018 01:59 pm
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