चेन्नई. न्यायालय से 11 जुलाई की महापरिषद को जायज ठहराने के बाद पार्टी के अंतरिम महासचिव के रूप में पहली बार एडपाड़ी के. पलनीस्वामी गुरुवार को रायपेट्टा स्थित पार्टी कार्यालय पहुंचे। वहां उनका गर्मजोशी से स्वागत हुआ। सूत्रों ने बताया कि वे 72 दिन पार्टी कार्यालय आए थे। उन्होंने जयललिता और एमजीआर की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया और श्रद्धांजलि दी। फिर उन्होंने पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं से औपचारिक चर्चा भी की।
ओपीएस को माफ नहीं किया जाएगा

इसके बाद संवाददाता सम्मेलन में वे दहाड़े कि अगर ओ. पन्नीरसेल्वम माफी मांगते भी हैं तो पार्टी कार्यकर्ता उनको माफ नहीं करेंगे। ओपीएस द्रमुक के बेनामी थे जो गिरगिट से ज्यादा रंग बदलना जानते हैं। हम संकल्प करते हैं एक बार फिर अम्मा की सरकार बनाएंगे।
उन्होंने कहा कि अदालत के आदेश पर मुख्यालय की चाबियां हमको दी गई हैं। पार्टी हित में आम परिषद द्वारा मुझे अंतरिम महासचिव चुने जाने पर आभार व्यक्त करता हूं। 11 जुलाई को जब महापरिषद की बैठक चल रही थी तब कुछ लोगों ने अवैध घुसपैठ की। पार्टी कार्यालय में हिंसा हुई। शिकायत करने के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।

पूर्व सीएम ने ताज्जुब जताया कि राज्य में 32 साल शासन कर चुकी एक पार्टी द्वारा दी गई शिकायत पर भी जब कार्रवाई नहीं हो तो आप सोच सकते हैं कि कानून व्यवस्था के क्या हाल होंगे? पार्टी में दरार पैदा होने के सवाल को उन्होंने नकारते हुए कहा कि पार्टी के खिलाफ कुछ लोगों ने कार्य किया था जिन पर कार्रवाई की गई है। इसे दरार नहीं कहा जा सकता।