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सिर सांटे रूंख रहे तो भी सस्तो जाण…

सिर सांटे रूंख रहे तो भी सस्तो जाण यानी अगर सिर कटाकर भी पेड़ बच जाएं तो यह सौदा बहुत सस्ता है। इस विचारधारा पर चलते हुए पेड़ों की रक्षार्थ अपने प्राण

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Even if the head is in the air ...

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चेन्नई।सिर सांटे रूंख रहे तो भी सस्तो जाण यानी अगर सिर कटाकर भी पेड़ बच जाएं तो यह सौदा बहुत सस्ता है। इस विचारधारा पर चलते हुए पेड़ों की रक्षार्थ अपने प्राण न्यौछावर करने वाले 363 लोगों का बलिदान विश्वभर में अनूठा उदाहरण है। राजस्थान के खेजड़ली गांव में बने स्मारक की तरह देशभर के प्रमुख राज्यों में भी ऐसे ही स्मारक बनाने को लेकर अभियान चलाया जा रहा है। पंजाब के अबोहर के मेहराजपुर में खेजड़ली के 363 शहीदों की स्मृति ंमें नेचुरल पार्क का निर्माण करवाया गया है। तमिलनाडु समेत अन्य प्रदेशों में भी इस तरह के स्मारक बनाने को लेकर संबंधित सरकारों से मांग की जाएगी।

अखिल भारतीय जीव रक्षा विश्नोई सभा के तत्वावधान में बुधवार को यहां चेन्नई के हिन्दी बाहुल्य इलाके साहुकारपेट के एकाम्बरेश्वर अग्रहारम स्थित रामदेव भवन में आयोजित सम्मेलन में वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि पूरी दुनिया में यह एक मात्र उदाहरण हैं जब इतनी बड़ी संख्या में पेड़ों को बचाने के लिए अपना बलिदान दिया। हरे पेड़ों को काटने का अमृतादेवी के नेतृत्व में विरोध कर रहे 363 लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया था।

जम्भेश्वर के 29 नियमों पर चलें

इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि गुरु जम्भेशवर भगवान के बताए 29 नियमों पर चलें। आज के युग में शिक्षा के साथ संस्कार जरूरी है। शिक्षित समाज ही आगे बढ़ता है। युवाओं में बढ़ रही नशा प्रवृत्ति घातक है। नशा खुद के शरीर का तो नाश करता ही है समाज को भी खोखला करता है। समाज में फैल रही बुराइयों को मिटाएं।

कई लोगों ने किया संबोधित

सभाध्यक्ष साहबराम रोज की अध्यक्षता मे आयोजित सम्मेलन में राजस्थान प्रदेशाध्यक्ष शिवराज जाखड़, जोधपुर संभाग अध्यक्ष श्याम खीचड़, परसाराम ढाका रानीवाड़ा, ओसियां उप प्रधान राकेश माचरा, एकलखोरी सरपंच सहीराम, परसराम रामड़ावास, तमिलनाडु संरक्षक भाखराराम कुराड़ा, तमिलनाडु प्रदेशाध्यक्ष किसनाराम साहू समेत अन्य वक्ताओं ने अपने विचार रखे। सम्मेलन में विभिन्न स्थानों से जीव रक्षा एवं पर्यावरण प्रेमी शामिल हुए।

तमिलनाडु की कार्यकारिणी गठित

तमिलनाडु-कर्नाटक प्रदेश प्रभारी गंगाराम विश्नोई खीचड़ ने बताया कि इस मौके पर तमिलनाडु की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। साथ ही तमिलनाडु के कई बड़े शहरों में भी जिलाध्यक्षों की घोषणा की गई।