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सोशल मीडिया पर महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक वीडियो के विरोध में प्रवासियों ने दिया धरना

सोशल मीडिया पर उत्तर भारतीय महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक वीडियो डालने वाले के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर बड़ी संख्या में प्रवासियों ने चेन्नई पुलिस आयुक्त कार्यालय में प्रदर्शन किया।
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चेन्नई

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MAGAN DARMOLA

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Updated: 5 Sep 2025, 6:45 PM IST

chennai news

चेन्नई. उत्तर भारत के राज्यों से जुड़े सौ से अधिक लोग शुक्रवार को चेन्नई पुलिस आयुक्त कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने सोशल मीडिया पर उत्तर भारतीय महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक वीडियो डालने वाले व्यक्ति बाला के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कार्यालय के प्रवेश द्वार पर एकत्र होकर जोरदार नारेबाजी की। इससे इलाके में तनाव फैल गया और सुरक्षा को लेकर पुलिस को द्वार बंद करना पड़ा।

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को कार्यालय के अंदर प्रवेश से रोक दिया। इसके बाद पुलिस अफसरों ने प्रदर्शनकारियों से बात की और केवल तीन लोगों को भीतर जाकर शिकायत दर्ज कराने की अनुमति दी। लेकिन प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि सभी को अंदर जाने दिया जाए। इससे वहां कुछ देर तक पुलिस और लोगों के बीच बहस होती रही।

महिलाओं के सम्मान पर हमला

ज्ञापन देने के बाद वकील सरसमुथु, मोनिका और संजय राजपुरोहित ने मीडिया से बातचीत की। उन्होंने बताया कि मईलापुर निवासी बाला ने सोशल मीडिया पर उत्तर भारतीय महिलाओं व खासकर राजस्थान की महिलाओं के लिए अपमानजनक और अश्लील टिप्पणी की। उसने बार-बार ऐसे वीडियो डालकर समूचे उत्तर भारत की महिलाओं की भावनाएं आहत की हैं। उन्होंने ज्ञापन में मांग की है कि आरोपी के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत मामला दर्ज कर तुरंत गिरफ्तार किया जाए। उनका कहना था कि पहले भी इस युवक के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसीलिए वे पुलिस आयुक्तालय पहुंचकर धरना देने पर विवश हो गए।

ऐसे वीडियो समाज में दरार पैदा कर सकते हैं

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि आरोपी पर पहले भी गुंडा कानून लगाया गया था लेकिन वह रिहा होकर फिर से ऐसे वीडियो डाल रहा है। उन्होंने कहा कि चेन्नई जैसे बड़े शहर में उत्तर और दक्षिण भारतीय कई वर्ष से मिलजुलकर रहते आए हैं। इस तरह की हरकतें समाज में दरार पैदा कर सकती हैं। आरोपी ने साहुकारपेट स्थित बाबा रामदेव मंदिर में हुई एक सभा में भाग लेने वाली राजस्थान की महिलाओं को भी सोशल मीडिया पर अश्लील बातें कहकर अपमानित किया। जब उससे सीधे संपर्क किया गया, तब भी वह अश्लील भाषा का इस्तेमाल करता रहा। उसका पहला वीडियो कोयम्बत्तूर में बाबा रामदेव के जुलूस पर आधारित था। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे उत्तर या दक्षिण भारतीय के रूप में भेदभाव नहीं करते। सभी भारतीय हैं और एकता से रहते हैं। आरोपी की हरकतें देश की एकजुटता को तोड़ने वाली हैं।

दो और शिकायतें

इस बीच आरोपी के खिलाफ दो अन्य शिकायतें भी दर्ज हुई हैं। शिकायतों में तमिलनाडु नॉर्थ इंडियन एडवोकेट एसोसिएशन की ओर से भैरु सिंह व सुनील कुमार तांतेड़ व तमिलनाडु बसपा के माइनोरिटी विंग के सचिव सी. रवि कुमार जैन ने भड़काऊ वीडियो डालने वाले शख्स के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।