चेन्नई

श्रम कानूनों और कल्याणकारी उपायों को लागू करने की मांग को लेकर केरल उच्च न्यायालय में याचिका

-राज्य सरकार को नोटिस जारी

2 min read
Aug 02, 2023
श्रम कानूनों और कल्याणकारी उपायों को लागू करने की मांग को लेकर केरल उच्च न्यायालय में याचिका

कोच्चि.

बिहार के रहने वाले एक प्रवासी मजदूर परिवार की बच्ची के साथ क्रूर बलात्कार और हत्या के मद्देनजर, केरल उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की गई है। याचिका में राज्य के अधिकारियों को श्रम कानूनों और कल्याणकारी उपायों को लागू करने के लिए प्रभावी कदम उठाने का निर्देश देने की मांग की गई है।बच्ची 28 जुलाई, 2023 को लापता हो गई थी। उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी गई और उसे अलुवा बाजार में एक कूड़े के ढेर में फेंक दिया गया था। पुलिस ने उसी दिन आरोपी असफाक आलम को अत्यधिक नशे की हालत में गिरफ्तार कर लिया था। वह एक प्रवासी मजदूर है।

इसी के मद्देनजर एक वकील द्वारा दायर याचिका में राज्य में प्रवासी श्रमिकों के लिए सुरक्षित, स्वच्छ और स्वस्थ कामकाजी परिस्थितियों को सुनिश्चित करने की मांग की गई है। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने की मांग की गई कि उनका पंजीकरण हो। मामले की सुनवाई करने वाली खंडपीठ के मुख्य न्यायाधीश ए.जे. देसाई और न्यायाधीश वी.जी. अरुण ने बुधवार को सरकार को नोटिस जारी किया।याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में कहा है कि अंतरराज्यीय प्रवासी कामगार (रोजगार और सेवा शर्तों विनियमन) 1979 के प्रावधानों के अनुसार केरल में प्रवासी श्रमिकों के पंजीकरण करने में राज्य सरकार और उसकी मशीनरी की बार-बार विफलता के कारण वह उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने के लिए बाध्य है। याचिकाकर्ता का कहना है कि उपरोक्त घटना के साथ-साथ पिछले 10 वर्षों से राज्य में हो रहे अपराधों ने स्वच्छ और स्वस्थ आवासीय के साथ-साथ उचित कामकाजी माहौल सुनिश्चित करके राज्य में आने वाले प्रवासी श्रमिकों के रोजगार को विनियमित और पंजीकृत करने की आवश्यकता जताई है। उन्होंने कहा कि ज्यादातर जगहों पर नियोक्ता श्रमिकों को सीमित या बिना सुविधाओं वाले छोटे क्वार्टरों में छोड़ देते हैं और परिणामस्वरूप कोई भी प्रवासी गलत और गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल हो सकता है। वर्तमान मामले में आरोपी भी बिहार का एक अपंजीकृत प्रवासी है। यह प्रवासी श्रमिकों का पंजीकरण सुनिश्चित करने में राज्य सरकार की घोर विफलता है।

पर्याप्त मुआवजे की मांग

याचिकाकर्ता ने मांग की कि चूंकि वर्तमान मामले में पीड़ित का परिवार उसी आवास में रह रहा है जिसमें आरोपी था, इसलिए उनके लिए उसी स्थान पर रहना व्यावहारिक नहीं होगा। साथ ही परिवार को पर्याप्त मुआवजा और पुनर्वास दिया जाना चाहिए।

Published on:
02 Aug 2023 06:36 pm
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