
Sanjana Jain
चेन्नई. पेशे से ज्योतिषाचार्य संजना जैन का कविताओं से दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं होने के बावजूद लॉकडाउन में पांच सौ से अधिक कविताएं रच डाली। लॉकडाउन शुरू होने पर संजना जैन ने भी ध्यान लगाना शुरू किया। इससे उनके मन में कविताएं लिखने का खयाल आया तो उसने कविताएं लिखना शुरू कर दिया। प्रतिदिन कविताओं से फेहरिश्त लंबी होती चली गई। अब तक वे पांच सौ से अधिक कविताएं लिख चुकी हैं। इनको पुस्तक के रूप में प्रकाशित करने की योजना बना रही है।
खुद-ब-खुद बनते गए शब्द
संजना जैन कहती है, मेरा कविताओं से कभी कोई संबंध नहीं रहा। इससे पहले कभी कविता लिखी भी नहीं। जब ध्यान में बैठना शुरू किया तो कविताओं के याल खुद-ब-खुद आने शुरू हो गए। कब कैसे कविता बन गई, यह मुझे भी पता नहीं चला। बस विचारों को अभिव्यक्त करती रही। ध्यान में चैतन्य अवस्था के दौरान शब्द बनते गए। वो ही शब्द गद्य से पद्य बन गए।
संजना जैन ने बताया कि उसने कविता लेखन में डायरी के बजाय फोन का ही इस्तेमाल किया। नोटपैड में टाइप कर उन्हें वहीं तरतीब से सजाती गई।
पिछले 17 वर्ष से ज्योतिषी ज्ञान
राजस्थान के नागौर जिले के छोटी खाटू की रहने वाली संजना जैन ने पिछले करीब 17 वर्ष में ज्योतिष के क्षेत्र में अच्छा नाम कमाया है। विभिन्न कार्यशालाओं के माध्यम से वे ज्योतिष के बारे में परामर्श दे चुकी हैं। संजना जैन ने बताया उन्हें बचपन से ही हाथ देखने, ज्योतिष की पुस्तकें पढऩे का शौक था। बचपन में ज्योतिष संबंधी पुस्तकों से उन्हें काफी जानकारी मिली। उनका समृद्धि प्रेडिक्शन नाम से ज्योतिषिय कार्यालय है। उनके पास ऐसे कई युवक-युवतियां परामर्श के लिए आ रहे हैं जिनका 30-35 वर्ष बीत जाने के बावजूद विवाह नहीं हो रहा। वे कई कार्यक्रमों में ज्योतिष सलाहकार के रूप में अपना उद्बोधन दे चुकी है।
Published on:
27 Aug 2020 10:35 pm
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