
राज्य में रहने वाले श्रीलंकाई शरणार्थी वतन वापसी को लेकर असमंजस में
चेन्नई. श्रीलंका में रविवार को ईस्टर के मौके पर हुए बम विस्फोटों से तमिलनाडु में रह रहे द्वीपीय देश के वे शरणार्थी असमंजस में हैं जिन्होंने हाल ही अपने घर लौटने का विकल्प चुना था। गौरतलब है कि श्रीलंका में चर्चों और लक्जरी होटलों में रविवार को हुए विस्फोटों में 310 लोग मारे गए थे। अपने देश में विस्फोटों को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए आर्गनाइजेशन ईलम रिफ्यूजी रीहेबिलिटेशन के संस्थापक एससी चंद्रहासन ने कहा तमिलनाडु में रह रहे 3,815 शरणार्थियों ने हाल ही श्रीलंका लौटने का निर्णय किया था। चंद्रहासन श्रीलंका के एक प्रमुख तमिल दिवंगत नेता तंतई सेल्वा एसजेवी चेलवनयागम के बेटे हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की हिंसा ने बाहरी ताकतों के हाथ का संकेत दिया है। इससे उनके देश की अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि हिंसा से श्रीलंका में विशेष रूप से पर्यटन जैसे क्षेत्र प्रभावित हो सकते हैं और यह हिंसा वापस जाने वाले सभी लोगों के लिए नौकरी के अवसरों पर भी असर डालेगी।
Published on:
25 Apr 2019 03:32 pm
