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तमिलनाडु के मंदिर में कोरोना देवी की बनाई गई मूर्ति, लोग कर रहे है पूजा

कोरोना की तबाही से परेशान लोग अब धर्म कर्म के जरिए इस महामारी से मुक्ति पाने की कामना करने लगे हैं।

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Temple in Tamil Nadu creates idol of goddess ‘Corona Devi’ to protect people from COVID-19

Temple in Tamil Nadu creates idol of goddess ‘Corona Devi’ to protect people from COVID-19

चेन्नई.

कोरोना महामारी की दूसरी लहर में हर कोई भयभीत है। कोरोना संकट के भय से अब अंधविश्वास का दौर भी शुरू हो गया है। कोरोना की तबाही से परेशान लोग अब धर्म कर्म के जरिए इस महामारी से मुक्ति पाने की कामना करने लगे हैं। ऐसा ही एक मामला तमिलनाडु के कोयम्बत्तूर से आया है।

यहां के प्रसिद्ध मंदिर में लोग कोरोना देवी की मूर्ति बनाकर उसकी सुबह शाम विधि-विधान से पूजा कर रहे है। ये मंदिर तमिलनाडु के कोयम्बत्तूर में कामचीपुरी अधिनाम का मंदिर है जहां कोरोना देवी को मूर्ति के रूप में आकृति देकर पूजा रही है।

मंदिर के अधिकारियों ने घातक कोरोना वायरस के प्रकोप के मद्देनजर लोगों को कोविड-19 से बचाने के लिए समर्पित एक 'कोरोना देवी' बनाने और पवित्र करने का फैसला किया है। अधिनाम के प्रभारी शिवलिंगेश्वर ने कहा कि लोगों को विपत्तियों और बीमारियों से बचाने के लिए देवताओं को बनाने की प्रथा रही है।

तमिलनाडु में हैं ये है मान्यता
भ्रांतियां और अंधविश्वास फैलते देर नहीं लगती। कोरोना काल में भी यही हो रहा है। महामारी के बढ़ते संकट के बीच लोग भगवान को याद कर रहे हैं तो इसी दौरान अंधविश्वास के चलते कोरोना मो माई मानकर उसकी पूजा भी शुरू हो गई है।

तमिलनाडु में, ऐसे कई देवता हैं, उदाहरण के लिए कोयम्बत्तूर में प्लेग मरिअम्मन मंदिर। लोगों का मानना था कि देवताओं ने अतीत में प्लेग और हैजा के प्रकोप के दौरान नागरिकों की रक्षा की थी। कोरोना वायरस संकट के मद्देनजर, कामचीपुरी अधिनाम ने 48 दिनों के लिए मूर्ति बनाने और विशेष पूजा करने के लिए ग्रेनाइट का उपयोग करने का निर्णय लिया है। महायज्ञ आयोजित किया जाएगा, जिसके दौरान लोगों को मंदिर में पूजा-अर्चना करने की अनुमति नहीं होगी।