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ड्रोन, खोजी कुत्ते, कैमरा टै्रप्स, हाथी और टास्क फोर्स आदमखोर बाघ टी-23 की खोज में लगे

- वन विभाग की टीम को नहीं मिला आदमखोर बाघ

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Tiger hunt: Search for T23 extended to more areas

Tiger hunt: Search for T23 extended to more areas

चेन्नई.

एमडीटी-23 आदमखोर बाघ का पता लगाने और उसे पकडऩे के लिए तलाशी में जुटी वन विभाग की टीम ने अब तमिलनाडु के मसीनागुडी और सिंगारा इलाकों में अपनी खोज बढ़ा दी है। खबर लिखे जाने तक बाघ नहीं मिला लेकिन इलाके में बारिश शुरू हो गई है। बारिश से बाघ को ढुंढने में और परेशानी आ सकती है।

बाघ को ढुंढने और पकडऩे के लिए ड्रोन, खोजी कुत्ते, कैमरा टै्रप्स, कुमकी हाथी के साथ साथ टास्क फॉर्स की मदद ली जा रही है। तमिलनाडु वन विभाग के लगभग 60 वन कर्मी और केरल वन विभाग के टाइगर ट्रैकर पिछले कुछ दिनों से बाघ का पकडऩे के लिए अभियान में हैं, लेकिन बाघ नहीं मिल रहा है। बाघ की तलाशी के लिए सोमवार को दो कुमकी हाथियों को सेवा में लगाया गया है। वन क्षेत्रों में फैली टास्क फोर्स में हाथी, उदयन और श्रीनिवास फिर से शामिल हो गए हैं।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हमने रविवार को वन भूमि के भीतर पांच किमी के दायरे में तलाशी ली, लेकिन जानवर का कोई पता नहीं चला। ड्रोन और खोजी कुत्तों का इस्तेमाल किया गया, लेकिन जानवर का पता नहीं चल सका है। हम एमडीटी-23 को उसकी धारियों से ट्रैक कर रहे हैं और इस बाघ का प्रिंटआउट सभी टीमों को वितरित कर दिया है। मसानीगुडी-थेप्पाकाडु मार्ग दूसरे दिन भी बंद रहा जिससे क्षेत्र में पर्यटकों की आमद में कमी आई।

तमिलनाडु के मुख्य वन्यजीव वार्डन शेखर कुमार नीरज ने शनिवार को गुडलूर में वन क्षेत्र की सीमा से लगे गांव के इलाकों में चार पुरुषों और 12 मवेशियों की मौत के बाद स्थानीय लोगों द्वारा विरोध प्रदर्शन के बाद बाघ को मारने का आदेश दिया था।

वन अधिकारियों के अनुसार, बाघ स्वस्थ नहीं है और इसलिए वह जंगल में शिकार करने में सक्षम नहीं है और उसने अपने शिकार को आसानी से खोजने के लिए मानव बस्तियों में जाने की आदत बना ली है। बाघ अब तक चार लोगों को मार चुका है। तलाशी टीम में शामिल वन अधिकारियों ने बताया कि बाघ भूखा है और हमारी जानकारी के अनुसार उसने पिछले बहत्तर घंटों से खाना नहीं खाया है और निश्चित रूप से बाहर निकल जाएगा।

टीम का नेतृत्व तमिलनाडु के मुख्य वन्यजीव वार्डन शेखर कुमार नीरज कर रहे हैं। ग्रामीणों द्वारा सिंगारा के पास के जंगल में एक कमजोर बाघ की मौजूदगी की सूचना के बाद इस क्षेत्र से तलाशी अभियान शुरू किया गया। वन आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि कुछ बयानों पर ध्यान नहीं दिया जा सकता है, लेकिन हम कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं और बाघ को पकडऩे के लिए पूरे जोश में हैं। उम्मीद है कि यह अभियान सफल हो जाएगा।